बड़ी खबर राजनीति

जानें कब-कब देश के राष्‍ट्रपति और पीएम ने किया मंदिर का उदघाटन या रखी आधारशिला

रामनगरी अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। अब केवल पीएम नरेंद्र मोदी का इंतजार है। वर्षों पुराने इस विवाद के खत्‍म होने के बाद आज का दिन हर किसी के लिए बेहद खास है। देश के करोड़ों लोगों को आज के दिन का ही इंतजार भी था। बहरहाल, आपको बता दें कि बीती रात अयोध्‍या में लाखों दीप प्रज्‍ज्‍वलित कर दीपावली जैसा ही उत्‍सव और खुशी मनाई गई। आज हम आपको यहां पर उन मंदिरों के बारे में जानकारी दे रहे हैं जिनके शिलान्‍यास या उदघाटन में राष्‍ट्रपति या प्रधानमंत्री शामिल रहे या उनके द्वारा किया गया।

अबू धाबी के मंदिर की आ‍धारशिला

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 फरवरी 2018 को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी में पहले हिंदू मंदिर की आधारशिला रखी थी। उन्‍होंने वीडियो लिंकिंग के जरिए इसकी आधारशिला रखी थी। अबू धाबी में बनने वाले भव्य मंदिर के लिए 125 करोड़ भारतीयों की ओर से वली अहद शहजादा मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को धन्यवाद दिया था। आपको बता दें कि अबू धाबी में भारतीय मूल के तीस लाख से ज्यादा लोग रहते हैं जो यहां की अर्थव्‍यवस्‍था में अहम भूमिका निभाते हैं। पीएम मोदी ने दो बार यूएई की यात्रा की है। यूएई की तरफ से पीएम मोदी को सर्वोच्‍च सम्‍मान भी दिया जा चुका है।

दुबई-अबू धाबी राजमार्ग पर बन रहा यह अबू धाबी का पहला पत्थर से निर्मित मंदिर है। ये मंदिर 55000 वर्ग मीटर भूमि पर बन रहा है और इसके इस वर्ष तक पूरा होने की उम्‍मीद है। हालांकि कोरोना वायरस ने जिस तरह से पूरी दुनिया पर ब्रेक लगाया है उसको देखते हुए इसको बनने में कुछ और समय लग सकता है। इसका शिलान्यास समारोह दुबई के ओपेरा हाउस में आयोजित किया गया था। इस मंदिर का निर्माण भारतीय शिल्पकार कर रहे हैं। श्री अक्षर पुरषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) के मुताबिक पश्चिम एशिया में पत्थरों से बना यह पहला हिंदू मंदिर है।

अक्षरधाम मंदिर

6 नवंबर 2005 को दिल्‍ली स्थित अक्षधाम मंदिर के उद्घाटन के अवसर पर भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉक्‍टर एपीजे अब्दुल कलाम, भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी उपस्थित थे। 17 दिसंबर 2007, इसको विश्व के सबसे बड़े हिंदू मंदिर परिसर के रूप में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकार्ड में दर्ज किया गया। 1968 में इस परिसर की योजना बीएपीएस संस्था के आध्यात्मिक प्रमुख योगी महाराज ने बनाई थी। लेकिन 1971 में उनके निधन के पश्‍चात 1982 में इस योजना पर आगे बढ़ने का काम शुरू हुआ। इस मंदिर का निर्माण कार्य 8 नवंबर 2000 को शुरू हुआ और 6 नवंबर 2005 को मंदिर अधिकृत रूप से आम जनता के लिए खोल दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *