पहली बार IPL FINAL खेलने का सपना टूटा, ऐसा रहा दिल्ली का सुनहरा सफर

चेन्नई आठवीं बार IPL फाइनल में जगह बनाने में सफल रही है, जहां रविवार को उसका सामना तीन बार की विजेता मुंबई इंडियंस से होगा.

नई दिल्ली, स्टार सवेरा ।

चेन्नई और मुंबई चौथी बार आईपीएल फाइनल खेलेंगी. इन दोनों टीमों के बीच खेले गए बीते तीन फाइनल मैचों में से दो में मुंबई और एक में चेन्नई ने जीत हासिल की है.

दूसरे क्वालिफायर में चेन्नई ने दिल्ली का पहली बार आईपीएल फाइनल खेलने का सपना तोड़ दिया. बदले हुए नाम से उतरी दिल्ली फ्रेंचाइजी ने 2012 के बाद पहली बार प्लेऑफ में जगह बनाई थी और एलिमिनिटेर में सनराइजर्स हैदराबाद को मात देकर पहली बार प्लेऑफ में जीत हासिल भी की थी, लेकिन उसने चेन्नई के सामने पूरी तरह से दम तोड़ दिया.

लीग दौर में दिल्ली कैपिटल्स ने 14 मैचों में 9 जीत और 5 हार के साथ 18 अंक हासिल किए थे. युवा टैलेंट से भरी इस टीम के सपोर्ट स्टाफ में रिकी पोंटिंग, सौरव गांगुली और मोहम्मद कैफ जैसे दिग्गज शामिल हैं जो खिलाड़ियों से अपने अनुभव साझा कर रहे हैं.

इससे पहले दिल्ली ने 2008, 2009 और 2012 में आईपीएल के प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई किया था. तब इस टीम का नाम दिल्ली डेयरडेविल्स हुआ करता था.

दिल्ली ने इस बार पहली बार प्लेऑफ दौर में कोई मैच जीता था. दिल्ली को 2008 और 2009 सीजन में आईपीएल सेमीफइनल में हार झेलनी पड़ी थी. इसके बाद 2012 में दिल्ली को दोनों क्वॉलिफायर मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था.

दिल्ली को 2008 में राजस्थान रॉयल्स के हाथों दिल्ली को 105 रनों से हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद 2009 में डेक्कन चार्जर्स ने दिल्ली को 6 विकेट से हरा दिया था. फिर 2012 में भी दिल्ली प्लेऑफ में पहुंची, लेकिन पहले क्वालिफायर मैच में केकेआर के हाथों उसे 18 रनों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा.

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