भारतीय रेलवे की बड़ी कामयाबी, मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग से मुक्त हुआ भारत

नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने एक नया कारनामा कर दिखाया है। विश्व के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क में से एक भारतीय रेल अब अनमैन्ड लेवल क्रॉसिंग यानि कि मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग से मुक्त हो गया है। आसान शब्दों में कहें तो रेलवे की मुख्य लाइन यानी गेज पर अब एक भी रेलवे फाटक ऐसा नहीं है जो मानवरहित हो। बीते एक साल में रेलवे ने देश भर में 3500 मानवरहित रेल क्रॉसिंग को खत्म किया है। रेलवे के मुताबिक अनमैन्ड लेवल क्रॉसिंग को हटाने के लिए मुख्य रूप से चार तरीके अपनाए हैं। सबसे पहले ऐसे फाटक बंद कर दिए गए जहां से कम गाड़ियां गुजरती थीं। इसके अलावा कई जगहों पर एक लेवल क्रॉसिंग को बंद कर के सड़क बनाकर दूसरे से जोड़ दिया गया। कई जगह सबवे, रोड या अंडर ब्रिज बनाए गए और मानव रहित फाटक पर गार्ड की तैनाती की गई। रेलवे के मुताबिक मुख्य लाइन यानी गेज पर अब केवल एक मानवरहित क्रासिंग उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद डिविज़न में मौजूद है जहां स्थानीय प्रशासन से इसे हटाने की प्रक्रिया पर सहमित नहीं हो पाई है लेकिन उम्मीद है कि इसी वित्तीय वर्ष में यह काम पूरा हो जाने की उम्मीद है। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने साल 2018-19 के दिसंबर तर रेलवे के सारे मानवरहित क्रासिंग को ख़त्म करने का लक्ष्य रखा था ताकि ऐसे क्रासिंग्स पर हादसे को रोका जा सके। 2014 में रेलवे के ब्राड गेज पर करीब 5500 मानव रहित क्रॉसिंग थे। साल 2013-14 में मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर 118 हादसे हुए थे जबकि साल 2017-18 में यह घटकर 20 रह गया था। वहीं इस साल अब तक महज़ 3 हादसे मानवरहित क्रासिंग पर हुए हैं। आंकड़ों से साफ है कि रेलवे ने मानवरहित क्रासिंग पर होने वाले हादसों को रोकने में बड़ी कामयाबी हासिल की है।

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