300 किलो की महिला अब 86 किलो की, 4 साल में घटा 214 किलो वजन

मुंबई की रहने वाली अमिता राजानी का वजन 4 साल पहले 300 किलो था। हद से ज्यादा मोटापे से परेशान अमिता की शारीरिक क्रियाएं बिलकुल बंद हो गई थीं। 2 सर्जरी के बाद अब उनका वजन 86 किलो हो गया है।

नई दिल्ली, स्टार सवेरा ।
2 साल की अमिता राजानी का वजन चार साल पहले 300 किलो था। अब 4 साल के बाद उनका वजन 86 किलो हो गया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि जन्म के समय अमिता का वजन सिर्फ 3 किलो था। कुछ ही साल में उनका वजन तेजी से बढ़ना शुरू हुआ। 16 वर्ष की उम्र में उनका वजन 126 किलो हो गया था। उनकी हालत ऐसी हो गई थी कि इंग्लैंड और भारत के प्रमुख इंडोक्रोनोलॉजिस्ट भी तेजी से बढ़ते उनके मोटापे का कारण नहीं ढूंढ पाए। उनका वजन बढ़ता गया और वह 300 किलो की हो गईं। आखिर में मुंबई के लीलावती अस्पताल के डॉ. शशांक शाह ने सर्जरी कर उन्हें मोटापे से बाहर निकालने में मदद की।

मोटापे के कारण 10 साल तक घर से बाहर नहीं निकलीं
अमिता के बैरिएट्रिक सर्जन डॉ. शशांक शाह ने बताया कि बढ़ते वजन के कारण अमिता तकरीबन 10 साल तक घर से बाहर नहीं निकलीं। 4 साल पहले जब पहली बार अमिता को जांच के लिए सोफे पर बैठाकर एक विशेष ऐम्बुलेंस से मुंबई के अस्पताल तक लाया गया, उस वक्त उन्हें ऑपरेशन थिअटर तक ले जाने में कम से कम 20 लोगों की जरूरत पड़ी। वजन कम करने के लिए अमिता की दो सर्जरी हुई- पहले स्लीव गैस्ट्रेक्टॉमी और उसके बाद दूसरी गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी। अमिता के अत्यधिक बढ़े वजन के कारण उनकी शारीरिक क्रिया बिलकुल बंद हो गई थी।

मॉर्बिड ओबेसिटी के साथ कई दूसरी बीमारियां भी
लीलावती अस्पताल और हिंदुजा हेल्थकेयर सर्जिकल अस्पताल के डॉ. शशांक शाह कहते हैं कि अमिता को सुपर मॉर्बिड ओबेसिटी की समस्या के साथ ही कई और बीमारियां भी हो चुकी थीं। वह कलेस्ट्रॉल, टाइप-2 डायबीटीज, सांस लेने में समस्या, किडनी की बीमारी और तनाव जैसी समस्याओं से भी जूझ रही थीं। अमिता की वजन घटाने वाली सर्जरी दो चरणों में की गई थी। पहले उसे मेटाबॉलिक सर्जरी के पहले चरण से गुजरना पड़ा। इसके बाद उनकी हालत में सुधार होने लगा। वजन कई किलो कम हो गया। दूसरी सर्जरी-गैस्ट्रिक बाईपास किया गया और उस वक़्त उनका वजन 140 किलो था।

महिलाओं में पुरुषों की तुलना में मोटापे का खतरा अधिक
डॉ शशांक शाह कहते हैं कि मोटापा कई बीमारियों की जड़ है और यह समस्या पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक देखी जाती है। महिलाओं में वजन बढ़ने से जुड़े कई फिजियोलॉजिकल कारण होते हैं जैसे कि- प्रेग्नेंसी, मेनोपॉज आदि। जबकी पुरुषों में पेट के ऊपर चर्बी जमने की केसेज ज्यादा देखने को मिलते हैं। इसे ऐब्डॉमिनल ओबेसिटी कहते हैं। डॉ शाह कहते हैं कि मोटापे की वजह से कलेस्ट्रॉल, डायबीटीज और दिल के जुड़ी कई और बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

भारत में हर तीसरा व्यक्ति मोटापे की समस्या से पीड़ित
आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत का हर तीसरा व्यक्ति मोटापे की समस्या से जूझ रहा है। खानपान की गलत आदतों, इनऐक्टिव लाइफस्टाइल और वातावरण के प्रभाव की वजह से लोगों का मेटाबॉलिज्म प्रभावित हो रहा है जिस वजह से मोटापे की समस्या महामारी की तरह तेजी से बढ़ रही है। मोटापा, मेटाबॉलिज्म से जुड़ी बीमारी है जो एन्डोक्राइन सिस्टम को पूरी तरह से बिगाड़ देती है और व्यक्ति का वजन कंट्रोल में नहीं रहता।

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