बड़ी खबर राजनीति

Aarey Colony tree cutting case: थोड़ी देर में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, जानें अब तक क्‍या हुआ

Aarey Colony tree cutting मुंबई की आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ सुनवाई करेगी। जानें इस हाईवोल्‍टेज मामले में अब तक क्‍या क्‍या हुआ

नई दिल्‍ली, Aarey Colony tree cutting मुंबई की आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। कानून की पढ़ाई कर रहे छात्रों की ओर से पेड़ों को काटे जाने के विरोध में लिखे गए पत्र को शीर्ष अदालत ने जनहित याचिका के तौर पर लेते हुए सुनवाई के लिए विशेष पीठ भी गठित कर दी है। छात्रों ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को पत्र लिखकर मामले में तुरंत दखल देने की मांग की थी।

आरे कॉलोनी में मेट्रो कार शेड बनाने के लिए पेड़ों की कटाई के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। रिपोर्टों की मानें तो शुक्रवार को उच्‍च न्‍यायालय का फैसला आने के बाद रात को नौ बजे के बाद दो घंटे के भीतर मुंबई मेट्रो रेल निगम लिमिटेड (MMRCL) ने इलेक्ट्रिक मशीन से 450 पेड़ों को काट दिया था। रिपोर्टों में कहा गया है कि शुक्रवार से 24 घंटे के भीतर कालोनी के करीब 2,134 पड़ों को काट दिया गया है।
आसपास के इलाकों में धारा 144 लागू

महाराष्ट्र सरकार के इस कदम का मुंबई समेत देश भर में भारी विरोध हो रहा है। बताया जाता है कि एमएमआरसीएल ने मेट्रो कार शेड के निर्माण के लिए 2,646 पेड़ों को काटने की कार्रवाई को अंजाम देने के लिए 70 लोगों की टीम भेजी थी जिसका लोगों ने विरोध करना शुरू किया था। विरोध प्रदर्शनों के बीच शनिवार सुबह कॉलोनी और उसके आसपास के इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई और 29 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
अदालत से प्रदर्शनकारियों को चेतावनी

फ‍िलहाल, पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर ली है और किसी को भी वहां जाने की इजाजत नहीं है। यही नहीं जिन 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया था उनमें छह महिलाएं भी शामिल हैं। यही नहीं अभी तक 40 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि गिरफ्तार किए गए 29 प्रदर्शनकारियों को स्‍थानीय अदालत ने जमानत दे दी है। अदालत ने यह भी चेतावनी दी है कि वे किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे।

सियासत भी तेज, बचाव में भाजपा

इस मामले में सियासत भी तेज हो गई है। शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने पार्टी नेता प्रियंका चतुर्वेदी समेत अन्य प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर सीधे केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। उन्‍होंने ट्विट कर कहा था कि वैश्विक मंचों पर पर्यावरण बचाने के पक्ष में तमाम बातें की जा रही हैं लेकिन आरे कालोनी में इकोसिस्टम तबाह किया जा रहा है। यही नहीं तमाम नेता राज्‍य के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना भी कर रहे हैं। फ‍िलहाल, भाजपा ने बचाव में कहा है कि मुख्‍यमंत्री तो केवल हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करा रहे हैं।

माहौल गर्म, नजरें सुप्रीम कोर्ट पर

चूंकि, महाराष्‍ट्र में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं ऐसे में यह मसला राज्‍य की सियासत के केंद्र में आ गया है। शिवसेना समेत पूरा विपक्ष भाजपा को कटघरे में खड़ा करने की कोशिशों में जुटा है। वहीं सरकार भी लोगों के विरोध को देखते हुए खुलकर सामने नहीं आ रही है। फ‍िलहाल, पेड़ों की कटाई को लेकर माहौल गर्म है, लोग इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। वहीं सियासी दलों को अपनी राजनीति चमकाने का एक मौका मिल गया है। अब नजरें सुप्रीम कोर्ट के रुख पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्‍या रुख अपनाता है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *