राजनीति

मुस्लिम पक्ष बोला- हिंदुओं के पास सीमित अधिकार, कई बार हुई अतिक्रमण की कोशिश

गुरुवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सुनवाई के दौरान कहा था कि इस मामले की सुनवाई 18 अक्टूबर तक पूरी होनी चाहिए, वरना फैसला जल्द आने का चांस कम हो सकता है.

सुप्रीम कोर्ट में रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर निर्णायक सुनवाई जारी है. शुक्रवार को इस सुनवाई का 33वां दिन है और सर्वोच्च अदालत में मुस्लिम पक्ष की ओर से ASI की रिपोर्ट पर दलील दी जा रही है. गुरुवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सुनवाई के दौरान कहा था कि इस मामले की सुनवाई 18 अक्टूबर तक पूरी होनी चाहिए, वरना फैसला जल्द आने का चांस कम हो सकता है.

शुक्रवार सुनवाई के बड़े अपडेट:

11.51 AM: मुस्लिम पक्ष की ओर से ASI की रिपोर्ट पर बहस कर रहीं मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि पुरातत्व विभाग (ASI) की रिपोर्ट में कहीं पर भी राम मंदिर का स्थान नहीं बताया गया है, जबकि राम चबूतरे को वाटर टैंक बताया गया है.

11.33 AM: मीनाक्षी अरोड़ा की तरफ से उठाए गए सवालों पर जस्टिस बोबड़े ने कहा कि हमें पता है कि पुरातत्व विभाग की तरफ से निष्कर्ष निकाले जाते हैं. यहां असली सबूत कौन दे सकता है? हम यहां इसी आधार पर निर्णय ले रहे हैं कि किसका अनुमान सटीक है. और क्या विकल्प हैं..?

11.25 AM: इस दौरान जस्टिस नज़ीर ने इसपर कहा कि पुरातत्व पूरी तरह से विज्ञान नहीं है, ऐसे में इसपर सेक्शन 45 लागू नहीं होगा. मुस्लिम पक्ष की ओर से मीनाक्षी अरोड़ा ने इसपर कहा कि ASI की रिपोर्ट की जांच होनी चाहिए क्योंकि कई एक्सपर्ट ने उसपर सवाल उठाए थे.


11.15 AM: शुक्रवार को अयोध्या केस की सुनवाई शुरू हुई तो मुस्लिम पक्ष की ओर से मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि पुरातत्व को सिर्फ एक एक्सपर्ट के तौर पर देखा जा सकता है. इसके समर्थन के लिए साथ में कोई सबूत होना भी जरूरी है.

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट से कहीं साबित नहीं होता कि वहां गुप्त काल का भी निर्माण था. जिस महल की बात की जा रही है, उसका निर्माण मध्यकाल का है. ऐसे में उसे 12वीं सदी का मंदिर बताना गलत है, उसे दिव्य कहना भी उचित नहीं है.

जस्टिस बोबड़े ने कहा कि ये काफी प्राचीन दौर की बात है, इसलिए कोई राय बनाना कठिन है. दोनों पक्षों के तर्क अनुमानों पर आधारित हैं. हमें इन अनुमानों की पुष्ट‍ि करने की जरूरत है. आपने कहा कि पुरातत्वविदों के अनुमान के मुताबिक यह स्थान राम मंदिर है.

10.50 AM: अयोध्या केस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू. शुक्रवार को सुनवाई का 33वां दिन है.

गुरुवार को जब अयोध्या मसले पर सुनवाई शुरू हुई तो चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने मामले को समयसीमा में खत्म करने को कहा. उन्होंने कहा कि इसकी सुनवाई 18 अक्टूबर तक खत्म होनी चाहिए, ऐसा नहीं होने पर जल्द फैसले के चांस कम होंगे. इसके अलावा चीफ जस्टिस ने कहा था कि एक महीने में फैसला देना एक तरह का चमत्कार होगा.

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