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BigBasket और Grofers 20,000 लोगों को दे रहे नौकरी, पेंडिंग आर्डर की जल्द हो सकेगी डिलिवरी

BigBasket अपने गोदामों और सामान की डिलीवरी के लिए 10000 लोगों को काम पर रखेगी। ग्रोफर्स भी 10000 लोगों की नियुक्ति कर रही है।

नई दिल्ली, ऑनलाइन किराना प्लेटफॉर्म BigBasket अपने गोदामों और सामान की डिलीवरी के लिए 10,000 लोगों को काम पर रखेगी। दरअसल, BigBasket चाहती है कि लॉकडाउन में उसके पहले के आर्डर की जल्द से जल्द डिलीवरी हो जाए और नया आर्डर भी तुरंत पहुंचाया जा सके। ऑनलाइन ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म ग्रोफर्स भी 10,000 लोगों की नियुक्ति कर रही है।

बिगबास्केट के उपाध्यक्ष तनूजा तिवारी ने कहा, ‘हम अपने गोदामों और सामान की डिलीवरी के लिए 10,000 लोगों को नियुक्त करना चाहते हैं। यह हायरिंग उन सभी 26 शहरों में होगी, जहां हम अपनी सेवाएं देते हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि सभी शहरों में काम को लेकर दबाव है, क्योंकि चुनौतियां टीयर I शहरों में अधिक हैं।

देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की वजह से ई-कॉमर्स कंपनियों को आर्डर पहुंचाने में दिक्कत हो रही है।

भले ही सरकार ने ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों के माध्यम से खाद्य फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरण सहित आवश्यक सामानों की डिलीवरी की अनुमति दी है, लेकिन, कंपनियों के डिलीवरी स्टाफ को पुलिस द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत लगातार मिल रही है। स्थानीय अधिकारियों द्वारा गोदामों को बंद करने और ट्रक को राज्य की सीमाओं से बहार जाने से रोकने से ई-कॉमर्स कंपनियों का कार्य बाधित हो रहा है।

कंपनियों ने काम करना शुरू कर दिया है और पेंडिंग आदेशों को पूरा करने के लिए काम कर रही हैं। कुछ कंपनियां लोगों को अपने ऑर्डर रद करने का विकल्प दे रही हैं, और पेंडिंग आर्डर के चलते नए ऑर्डर लेने में भी देरी कर रही हैं। उद्योग के सामने एक और चुनौती गोदामों और रसद के लिए सीमित कर्मचारियों की उपलब्धता है।

तिवारी ने कहा कि मौजूदा समय में कंपनी के गोदामों और डिलीवरी टीम में 50 फीसद कर्मचारियों की कमी है।

उन्होंने कहा कि कंपनी ने सभी शहरों में ऑर्डर लेना शुरू कर दिया है, लेकिन क्षमता की कमी के कारण स्लॉट बहुत जल्दी भरे जा रहे हैं। बिगबास्केट ने एक ट्वीट में कहा कि यह अपनी नियोजित क्षमता का लगभग 40 फीसद है।

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