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जल्द बड़े पर्दे पर दिखेगी सेना के इन 5 जांबाजों की कहानी! वर्दी में दिखेंगे ये बॉलीवुड सेलेब्स

Movies On Indian Army Soldiers बॉलीवुड में अब भारतीय सेना के जांबाजों की कहानी बड़े पर्दे पर दिखाई जाने की तैयारी हो रही है।

नई दिल्ली, बॉलीवुड में सेना से जुड़ी कई फिल्में बनने के बाद अब भारतीय सेना के जांबाजों की बायोपिक का दौर शुरू होने वाला है। आने वाले कुछ महीनों से आप एक के बाद बड़े पर्दे पर सेना के जवानों की कहानी देखेंगे। फिल्मों के लिए कास्ट और नाम लगभग फाइनल हो चुके हैं और कई फिल्मों की तो शूटिंग भी हो गई हैं। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि आने वाले दिनों में किन-किन जवानों की कहानी पर्दे पर दिखाई जाएगी

भारतीय सेना के फील्ड मार्शल रहे सैम मानेकशॉ के जीवन पर फिल्म बनने जा रही है, जिसमें सैम मानकेशॉ का किरदार विक्की कौशल निभाएंगे। इस फिल्म का निर्देशन मेघना गुलजार कर रही हैं और फिल्म का नाम ‘सैम’ बताया जा रहा है। फिल्म का फर्स्ट लुक आ चुका है। बता दें कि मानेकशॉ ने 1971 के युद्ध समेत कई ऑपरेशन में अहम किरदार निभाया था।

कारगिल गर्ल के नाम से मशहूर गुंजन सक्सेना के जीवन पर भी एक फिल्म बन रही है। फिल्म में गुंजन सक्सेना का किरदार जाह्नवी कपूर निभा रही हैं और फिल्म 13 मार्च 2020 को रिलीज होने जा रही है। गुंजन सक्सेना पहली ऐसी महिला ऑफिसर हैं, जो युद्ध में उतरी थीं और उन्होंने कई जवानों की मदद की थी।

कारगिल वॉर के दौरान हीरो बने विक्रम बत्रा पर भी एक फिल्म बनने जा रही है। फिल्म में विक्रम बत्रा का किरदार सिद्धार्थ मल्होत्रा निभा रहे हैं और फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी है। इस फिल्म का संभावित नाम ‘शेर शाह’ है और फिल्म इसी साल बड़े पर्दे पर रिलीज होने जा रही है।

परमवीर चक्र विजेता और 1971 के युद्ध में शहीद हुए सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के जीवन पर भी फिल्म बनने जा रही है। फिल्म में शूरवीर अरुण खेत्रपाल के रुप में वरुण धवन नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन श्रीराम राघवन करेंगे और इस फिल्म प्रोड्यूसर दिनेश विजन हैं, जिन्होंने एक बार पहले भी वरुण धवन के साथ बदलापुर में काम किया था।

1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में एयरफोर्स के ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाने वाले विजय कार्णिक पर फिल्म बन रही है। फिल्म का नाम है भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया। इस फिल्म में विजय कार्णिक का किरदार अजय देवगन निभा रहे हैं। कार्णिक 1971 के युद्ध में भुज के एयरबेस के इंचार्ज थे और पाकिस्तानी की बमबारी के बावजूद उन्होंने एयरबेस को ऑपरेशनल रखा था।

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