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Coronavirus से जुड़े 10 सबसे प्रमुख सवालों के ये हैं जवाब

Coronavirus Myths आज हम आपको कोरोना को लेकर विस्तार से बताने जा रहे हैं। AIIMS के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने इससे जुड़ी सलाह और सच की जानकारी दी है।

नई दिल्ली, Coronavirus Myths: कोरोना वायरस को लेकर पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे पहले ही महामारी घोषित कर दिया है। वहीं, भारत में दस्तक के बाद सरकार ने किसी को भी विदेश न जाने की सलाह दी है, यहां तक कि आईपीएल के लिए सभी विदेशी खिलाड़ियों के 15 अप्रैल तक वीज़ा रद्द कर दिए गए हैं।

दिल्ली में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने भी कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया है और सभी सरकारी स्कूल, कॉलेजों और सिनेमाघरों को 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया है। अब तक देश में कुल 76 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं, जिसमें 59 भारतीय और 17 विदेशी हैं। जबकि एक भारतीय व्यक्ति की कोरोना से बैंगलुरू में मौत हो गई है।

ऐसे में आज हम आपको कोरोना को लेकर विस्तार से बताने जा रहे हैं। AIIMS के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने इससे जुड़ी सलाह और सच की जानकारी दी है।

कोरोना वायरस एक ऐसा वायरस है जो जानवरों और इंसानों को बीमार कर सकता है। ये एक RNA वायरस है, जिसका मतलब ये है कि यह एक शरीर के अंदर कोशिकाओं में टूट जाता है और उनका उपयोग खुद को पुन: उत्पन्न करने के लिए करता है। चीन के वुहान में फैल रहा जैसा कोरोना वायरस पहले कभी नहीं देखा गया। एक्सपर्ट्स की मानें तो कोरोना वायरस एक ऐसे वायरस के परिवार से आता है जो मनुष्यों, मवेशियों, सूअरों, मुर्गियों, कुत्तों, बिल्लियों और जंगली जानवरों को को संक्रमित करता है।

जब तक इस नए कोरोना वायरस की पहचान नहीं हुई, तब तक मनुष्यों को संक्रमित करने के लिए केवल छह अलग-अलग कोरोना वायरस थे। इनमें से चार एक हल्के आम सर्दी की बीमारी का कारण बनते थे। हालांकि, 2002 के बाद से दो नए कोरोना वायरस के आए हैं जो मनुष्यों को संक्रमित कर उन्हें गंभीर रूप से बीमार कर सकते हैं।

ये बीमारी सिर्फ खांसी और छींक के ज़रिए लोगों में फैल सकती है, इसका मतलब ये वायरस बेहद आसानी से किसी को भी संक्रामित कर सकता है। इसके अलावा यह लार के ज़रिए निकट संपर्क, चुंबन या फिर बर्तन शेयर करने से भी फैल सकता है। क्योंकि यह फेफड़ों को संक्रमित करता है, इसलिए खांसते वक्त मुंह से निकले वाली बूंदें भी सामने मौजूद व्यक्ति को संक्रमित कर सकती हैं।

इस वायरस से संक्रमित होने के कम से कम 14 दिनों बाद इसके लक्षण दिखने शुरू होते हैं। कोरोना वायरस के मरीज़ों में आमतौर पर ज़काम, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, बुखार जैसे शुरुआती लक्षण देखाई देते हैं। समय पर इलाज न शुरू होने पर ये निमोनिया में भी बदल सकता है।

उस व्यक्ति को मास्क नहीं पहनना चाहिए जो बीमार नहीं है या फिर जिसे सर्दी खांसी नहीं है। अगर आपको सर्दी, ज़ुकाम या खांसी है, तो आप मास्क पहन सकत हैं, ताकि दुसरों को ये बीमारी न फैलें। वहीं, जहां तक

N95 मास्क की बात है, तो यह उन लोगों के लिए हैं जो रोगी के संपर्क में हैं या अस्पताल में रोगी का खयाल रख रहे हैं। ऐसे लोगों को N95 मास्क पहनने की ज़रूरत है।

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