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बर्फबारी ने खतरनाक बनाया पहाड़ों का सफर, उत्‍तराखंड फिर बदल सकता है मौसम

बर्फबारी से बढ़ी दुश्वारियों के कारण जनजीवन पटरी पर नहीं लौट रहा है। धनोल्टी मार्ग बर्फ जमने के कारण खतरनाक हो गया है।

देहरादून, बर्फबारी से बढ़ी दुश्वारियों के कारण जनजीवन पटरी पर नहीं लौट रहा है। धनोल्टी मार्ग बर्फ जमने के कारण खतरनाक हो गया है। जेसीबी से अधिकांश बर्फ तो हटा दी गई है, लेकिन सड़क पर कई जगह अभी भी बर्फ की पतली परत जमी हुई है, जिस पर वाहन फिसल रहे हैं। वहीं, मंगलवार को पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं।

पर्यटन नगरी धनोल्टी में हुए हिमपात के ऊपर रात में पाला गिरने से सफर खतरनाक हो गया। शीशे की तरह हो चुकी बर्फ की परतें हादसों का सबब बन रही हैं। यहां बर्फ हटाने में जुटी जेसीबी भी रपट गई। अब यहां जेसीबी और मजदूरों के माध्यम से सड़कों पर जमा बर्फ व पाले के ऊपर मिट्टी डालकर वाहनों की आवाजाही करवाई जा रही है। इसके अलावा नमक डालकर भी सख्त बर्फ को पिघलाने का प्रयास किया जा रहा है।

व्यापार संघ धनोल्टी के अध्यक्ष रघुबीर रमोला ने बताया कि शनिवार शाम से बिजली आपूर्ति सुचारू हो गई है, लेकिन पेयजल सप्लाई अभी भी बाधित है। नलों में पानी जमने के कारण लोग पानी को तरस रहे हैं। साथ ही बर्फ पिघलाकर प्यास बुझा रहे हैं। धनोल्टी में तापमान शून्य के आसपास है और शीत भरी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। ऐसे में पर्यटक भी कम पहुंच रहे हैं। इधर, मसूरी और दून में भी धूप खिलने के साथ सर्द हवाएं परीक्षा ले रही हैं।

बारिश और बर्फबारी के बाद उत्तराखंड कड़ाके की शीत की चपेट में है। प्रदेश के छह शहरों में पारा शून्य से नीचे पहुंच गया है। कुमाऊं का मुक्तेश्वर प्रदेश में सबसे सर्द रहा। यहां न्यूनतम तापमान शून्य से 2.9 डिग्री सेल्सियस नीचे रिकार्ड किया गया। वहीं मसूरी और अल्मोड़ा में भी पारा शून्य से नीचे है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश में सोमवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन मंगलवार को पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। देहरादून स्थित राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि मंगलवार को चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है।

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