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दिल्ली के लाखों लोगों के लिए खुशखबरी, जल्द मिल सकती है रिठाला-नरेला कॉरिडोर को मंजूरी

मेट्रो से कनेक्टिविटी के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे बाहरी दिल्ली (Outer Delhi) के लाखों लोगों की सुविधा के मद्देनजर रिठाला और नरेला कॉरिडोर को जल्द ही मंजूरी मिल सकती है।

नई दिल्ली, Rithala-narela corridor may get approval soon: दिल्ली-एनसीआर (National Capital Region) की लाइफलाइन बन चुका दिल्ली मेट्रो रेल निगम (Delhi metro rail corporation) जल्द ही बाहरी दिल्ली के लाखों लोगों को भी बड़ा तोहफा देने जा रहा है। दरअसल, मेट्रो से कनेक्टिविटी के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे बाहरी दिल्ली (Outer Delhi) के लाखों लोगों की सुविधा के मद्देनजर रिठाला और नरेला कॉरिडोर को जल्द ही मंजूरी मिल सकती है। इस कॉरिडोर के बनने से न केवल बाहरी दिल्ली के बल्कि पूरी दिल्ली के लोगों को लाभ होगा।

केंद्र सरकार मंजूरी देने की तैयारी में, मंत्री ने किया इशारा

यह भी जानकारी सामने आ रही है कि केंद्र में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) सरकार जल्द ही मेट्रो के फेज-4 के तहत प्रस्तावित रिठाला-बवाना-नरेला कॉरिडोर को पास करने वाली है। केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मानें तो केंद्र सरकार अगले कुछ महीनों में इस रिठाला-नरेला कॉरिडोर प्रोजेक्ट को मंजूरी दे देगी। जाहिर इससे न केवल बाहरी दिल्ली में रहने वाले लोगों को भी मेट्रो कनेक्टिविटी का फायदा मिलेगा, बल्कि इस इलाके का भी तेजी से विकास होगा।

यहां पर बता दें कि मार्च में केंद्रीय कैबिनेट ने फेज-4 के 6 में से जिन 3 कॉरिडोर्स को मंजूरी दी थी, उसमें बाहरी दिल्ली को कनेक्ट करने वाला यह महत्वपूर्ण कॉरिडोर शामिल नहीं था, लेकिन अब पुरी के बयान के बाद उम्मीद है कि जल्द ही इस कॉरिडोर को भी मंजूरी मिल सकेगी।

मंजूरी मिलते ही शुरू होगा काम

दिल्ली मेट्रो के अधिकारी भी केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। मेट्रो अधिकारियों की मानें तो मंजूरी मिलने के साथ ही रिठाला-नरेला कॉरिडोर के लिए काम शुरू कर दिया और जल्द ही इसे समाप्त करने की भी योजना है।

सभी 16 स्टेशन होंगे एलिवेटेड

यहां पर बता दें कि 21.7 किमी लंबे रिठाला-बवाना-नरेला कॉरिडोर पर 16 नए मेट्रो स्टेशन बनेंगे। ये सभी एलिवेटेड स्टेशन होंगे। यह भी बता दें कि मेट्रो के फेज-4 के तहत कुल 103.94 लंबी नई मेट्रो लाइनें बिछाई जानी है। इसके बाद दिल्ली मेट्रो दुनिया के पहले चार बड़े मेट्रो रेल नेटवर्क में शुमार हो जाएगी।

गौरतलब है कि 25 दिसंबर, 2002 को सिर्फ 8 किलोमीटर से अपना पहला सफर शुरू करने वाली दिल्ली मेट्रो देश की नंबर वन हो चुकी है तो वर्ष 2022 तक दुनिया की तीसरी सबसे लंबे नेटवर्क वाली मेट्रो रेल हो जाएगी। फिलहाल यह विश्व की चौथी सबसे लंबे नेटवर्क वाली रेल है। 25 दिसंबर 2002 को क्रिसमस के दिन पहली बार दिल्ली मेट्रो ने शाहदरा से तीस हजारी तक रेड लाइन मेट्रो शुरू की थी।

यह एक ऐतिहासिक लम्हा था, जिसमें हजारों लोगों ने शिरकत की थी। तब दिल्ली मेट्रो का इस कदर क्रेज था कि लोग बिना मकसद दिल्ली मेट्रो में सफर करते थे, क्योंकि उन्हें इसके सफर का तजुर्बा लेना होता था। मेट्रो का क्रेज अब भी बरकरार है। यह भी कम उपलब्धि नहीं है कि 16 साल पहले कुछ हजार यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने वाली मेट्रो में अब रोजाना तकरीबन 30 लाख लोग सफर करते हैं। इनमें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम-फरीबाद के यात्री भी शामिल हैं।

2022 तक इसके 400 किलोमीटर से अधिक विस्तार होगा मेट्रो का
मेट्रो का विस्तार जिस गति से चल रहा है। ऐसे में जाहिर है दिल्ली मेट्रो शंघाई और बीजिंग के बाद दुनिया के सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क में से एक होगी। उम्मीद की जा रही है कि यह लंदन अंडरग्राउंड को भी ओवरशेड करेगी।

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