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दिल्ली सरकार के मुआवजा बांटने के खिलाफ दायर याचिका HC से खारिज

Delhi Violence LIVE News Update उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी है।

नई दिल्ली, दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने बुधवार को उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उत्तर पूर्व दिल्ली में हुई हिंसा में मुआवजा बांटने के खिलाफ दिल्ली सरकार के फैसले को चुनौती दी गई थी।

दिल्ली हिंसा के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो के कांस्टेबल अंकित शर्मा की हत्या में आरोपित आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद की अग्रिम जमानत याचिका पर अब बृहस्पतिवार दोपहर 2 बजे सुनवाई होगी। इससे पहले बुधवार सुबह हुई सुनवाई के दौरान दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने विशेष जांच दल (Special Investigation Team) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के बाद सक्रिय हुई दिल्ली सरकार ने बड़ा एलान किया है। इसके तहत दिल्ली विधानसभा की शांति एवं सद्भाव समिति ने सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वालों की शिकायत देने वालों को 10,000 रुपये का इनाम देने का एलान किया है। इसके लिए बाकायदा एक ईमेल आइडी और वाट्सएप नंबर भी जारी किया है।

उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले सप्ताह 24-25 फरवरी को जाफराबाद, शिवपुरी, ब्रह्मपुरी, करावल नगर, भजनपुरा समेत आधा दर्जन से अधिक इलाकों में हुई हिंसा में मौत का आकड़ा 50 पहुंच चुका है।

आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन ने कड़कड़डूमा कोर्ट की एक अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है। इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई होगी। यहां गौरतलब है कि ताहिर हुसैन के खिलाफ आईबी के कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा की हत्या के मामले में केस दर्ज करवाया गया है। इस मामले में पुलिस ताहिर हुसैन की सरगर्मी से तलाश कर रही है, लेकिन वह मामला दर्ज होने के बाद से फरार है।

दिल्ली हिंसा में भाजपा नेताओं कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा समेत अन्य नेताओं-लोगों पर मामला दर्ज करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई होगी।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे के दौरान फायरिंग करने और दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल पर पिस्तौल तानने वाले शाहरुख पठान को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। उस पर दंगा फैलाने, अवैध हथियार रखने और सिपाही की हत्या के प्रयास के आरोप हैं।

दिल्ली दंगों पर चर्चा को लेकर संसद के दोनों सदनों में सरकार और विपक्ष के बीच जबरदस्त टकराव जारी है। जहां विपक्ष तुरंत चर्चा कराए जाने पर अड़ा है, वहीं सरकार इसे होली के बाद कराना चाहती है।

दिल्ली हिंसा में अब तक सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया है, साथ ही सैकड़ों की संख्या में रोजान लोगों से पूछताछ की जा रही है।

दक्षिण दिल्ली के शाहीन बाग में CAA-NRC खिलाफ 15 दिसंबर से चल रहे धरना-प्रदर्शन के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वार्ताकार साधना रामचंद्रन और संजय हेगड़े मंगलवार शाम को प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। इस मौके पर रामचंद्रन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आपके प्रदर्शन के हक पर अपनी सहमति दी है, लेकिन अनिश्चित काल तक रास्ता रोकना सही नहीं है। इसलिए अब आप लोग खुद ही तय करें कि यह प्रदर्शन कैसे और कहां जारी रहेगा। अब हल प्रदर्शनकारियों को ही निकालना है। हम लोगों पर अपने फैसले नहीं थोपेंगे।

दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त जनसंपर्क अधिकारी एसीपी अनिल मित्तल के मुताबिक, उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के मामले में 436 केस दर्ज हो चुके हैं। इसी के साथ 1427 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। दर्ज 436 मामले में 45 मामले आर्म्स एक्ट के शामिल हैं।

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