मॉनसून में डेंगू से बचने के कुछ उपाय

गर्मियों के बाद मॉनसून की बारिश में चाय और पकौड़ों का स्वाद एक ट्रीट की तरह काम करता है.

नई दिल्ली, स्टार सवेरा ।

लेकिन इस मौसम में थोड़ी ज्‍यादा देखभाल की जरूरत होती है. ज्‍यादा उमस ही मॉनसून का नकरात्मक पहलू नहीं है, बल्कि ऐसे में डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा कहीं ज्‍यादा बढ़ जाता है.
गर्मियों के बाद मॉनसून की बारिश में चाय और पकौड़ों का स्वाद एक ट्रीट की तरह काम करता है, लेकिन इस मौसम में थोड़ी ज्‍यादा देखभाल की जरूरत होती है.

ज्‍यादा उमस ही मॉनसून का नकरात्मक पहलू नहीं है, बल्कि ऐसे में डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा कहीं ज्‍यादा बढ़ जाता है. अधिक उमस वाले देशों जैसे भारत में कई हजार लोग डेंगू की चपेट में आ जाते हैं. डेंगू, मच्छरों की प्रजाति- एडिस एजिप्टी द्वारा खतरनाक वाइरस फैलाने से होता है (और एडीस अल्बोपिक्टस से कम), जोकि पैरों पर सफेद-काले बैंड की वजह से पहचाने जाते हैं. डेंगू को कमर तोड़ बुखार के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इसमें बुखार के अलावा जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द हो जाता है. साथ ही उल्टी, उबकाई, सिरदर्द और पूरी बॉडी पर स्किन का लाल हो जाना जैसी समस्याएं सामने आती हैं. इन लक्षणों को देखने के बाद अपने पास के डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना बेहतर रहता है, जो ब्लड टेस्ट के द्वारा रोग की पहचान कर रोग के बारे में सही और पूरी सलाह देता है.

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