सेना में भर्ती कराने वाला फर्जी कर्नल गिरफ्तार, संवेदनशील दस्तावेज भी बरामद

सेना में भर्ती कराने और मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी कर्नल हर्षवर्धन सिंह के पास से सेना और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) से जुड़े कई बेहद संवेदनशील दस्तावेज बरामद हुए हैं. इस मामले के सामने आने के बाद सेना और खुफिया विभाग के आला अधिकारियों ने आरोपी से पूछताछ की है.

नई दिल्ली, स्टार सवेरा ।

सेना में भर्ती कराने और मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी कर्नल हर्षवर्धन सिंह के पास से खुफिया विभाग और सेना से जुड़े बेहद संवेदनशील दस्तावेज बरामद हुए हैं. इसके बाद सेना और खुफिया विभाग के आला अधिकारियों ने उससे पूछताछ की. यूपी पुलिस ने हर्षवर्धन सिंह को रविवार को लखनऊ से हिरासत में लिया गया था और पूछताछ की गई थी. इसके बाद उसको गिरफ्तार कर लिया गया.

बताया जा रहा है कि आरोपी हर्षवर्धन सिंह खुद को कर्नल बताता था और सेना में भर्ती कराने व मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूलता था. जब उसकी गिरफ्तारी के बाद तलाशी ली गई और उसके मोबाइल की जांच की गई, तो उसमें से सेना और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद हुए.

हर्षवर्धन ने पूछताछ में कबूला कि वह फर्जी कर्नल बनकर न सिर्फ लोगों पर रौब झाड़ता था, बल्कि लोगों को सेना में नौकरी का लालच देकर ठगता भी था. वह अब तक कई लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना चुका है. आरोपी सेना में नौकरी देने के नाम पर पहले लोगों को बहकाता था और फिर रिश्वत के रूप में मोटी रकम लेकर गायब हो जाता था.

अभी तक की जांच में खुलासा हुआ है कि फर्जी कर्नल हर्षवर्धन ने सिर्फ लखनऊ में ही 100 से ज्यादा लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना चुका है. जब हर्षवर्धन की गिरफ्तारी की खबर सामने आई, तो ठगी के शिकार कुछ लोग लखनऊ के गोमतीनगर थाने भी पहुंचे. ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति ने तो थाने में पुलिस की मौजूदगी में आरोपी हर्षवर्धन को थप्पड़ तक जड़ दिया.

सूत्रों के मुताबिक फर्जी कर्नल के पास से बरामद दस्तावेज बेहद संवेदनशाल हैं. उनमें सेना और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के बारे में भी अहम जानकारियां है. सेना के अफसरों ने जासूसी का मामला होने के शक में फर्जी कर्नल हर्षवर्धन सिंह को अपनी जांच के दायरे मे लिया है. आरोपी के पास से बरामद संवेदनशील दस्तावेजों को दिल्ली में मिलिट्री इंटेलीजेस के आला अधिकारियों के पास एनालिसिस के लिए भेजा है, ताकि पता चल सके कि फर्जी नौकरी देने के रैकेट के बहाने आरोपी हर्षवर्धन देश के लिए कितना बड़ा खतरा पैदा कर रहा था.

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