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भारत-नेपाल में तनाव के बीच भारत लौटने लगे गोरखा सैनिक

भारत-नेपाल में सीमा विवाद के बीच गोरखा सैनिक भारत लौटने लगे हैं। यह सैनिक कोरोना वायरस के कारण नेपाल में फंसे थे।

गोरखपुर, जेएनएन। भारत-नेपाल में सीमा विवाद के कारण पैदा हुए तनाव के बीच गोरखा सैनिकों की सोमवार से भारत वापसी शुरू हो गई है। यहां सभी की सोनौली बार्डर पर तैनात चिकित्सकों ने थर्मल स्कैनिंग की। उसके बाद उन्हें भारत में प्रवेश की अनुमति मिली। बड़ी संख्या में नेपाली मूल के गोरखा सैनिक भारत के गोरखा रेजीमेंट में तैनात हैं।

यह सभी सैनिक लॉकडाउन से पूर्व छुट्टियों में घर गए थे। सीमा सील होने के कारण वहीं फंसे हुए थे। भारतीय दूतावास की पहल पर सैनिकों को ड्यूटी पर लाने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस बीच दो दिन के भीतर 80 सैनिक सोनौली बार्डर पहुंचे। भारतीय सीमा में जांच के बाद उन्हें प्रवेश मिला। कुछ सैनिक परिवार के साथ भारत लौटे हैं। नौतनवा के सीओ राजू कुमार साव ने अभी तक 80 गोरखा सैनिकों की भारत में इंट्री हुई है।

इस बीच नेपाल में भी अनलॉक वन की घोषणा कर दी गई है। नेपाल मंत्रिमंडल की बैठक में इसकी सहमति बनी है। नियमों को कड़ाई से पालन करते हुए सभी कार्य किए जाएंगे। नेपाल में 14 जून तक लॉकडाउन समाप्ति के बाद अनलॉक वन लागू किया गया है। जिसमें शुरुआती सप्ताह के तीन दिन तक बाजार व आवागमन खुलेंगे।

किसी बैठक, धार्मिक व सामूहिक प्रायोजन में केवल 25 लोगों से अधिक की जुटने की अनुमति नहीं है। हालांकि स्कूल, मॉल व सिनेमा घरों को खुलने की इजाजत अभी नहीं दी गई है। नेपाल के उपप्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री ईश्वरी पोखरेल ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कोविड-19 से बचाव के लिए बाजारों को सतर्कता के साथ खोलने के निर्देश दिए हैं।

लॉकडाउन के कारण फंसे भारतीय नागरिकों का स्वदेश वापस आने का क्रम जारी है। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के निर्देश पर सोनौली सीमा के रास्ते बिहार, उत्तर प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों के कुल 755 भारतीय नागरिकों को सीमा में प्रवेश मिला। सीमा के अंदर प्रवेश करने से पहले सभी नागरिकों की इमीग्रेशन कार्यालय के पास थर्मल स्‍क्रीनिंग की गई तथा सेल्फ डिक्लियरेशन फार्म भरवाकर सभी का डाटा लिया गया।

इस दौरान सभी नागरिकों को रोडवेज की बसों से उनके गंतव्य को रवाना कर दिया गया। जहां सभी हेल्थ डेस्क से मिले प्रमाण पत्र के आधार पर होम क्वारंटाइन होंगे। सीओ राजू कुमार साव ने बताया कि सोमवार शाम तक कुल 755 भारतीय व 710 नेपाली नागरिक अपने- अपने वतन लौट गए हैं।

पिता को लेने सोनौली सीमा पहुंचे नेपाली क्रिकेटर संदीप लामिछाने

आइपीएल दिल्ली डेयरडेविल्स क्रिकेट टीम के नेपाली क्रिकेटर संदीप लामिछाने ने सोनौली सीमा पर पहुंचकर पिता व बहन को रिसीव किया। उनके पिता व बहन भारत से नेपाल जा रहे थे। क्रिकेटर को देखने के लिए सीमा पर भीड़ जुट गई। कुछ देर रुकने के बाद वह पिता व बहन के साथ नेपाल के चितवन स्थित अपने घर के लिए रवाना हो गए।

संदीप लामिछाने नेपाली क्रिकेटर हैं। उनके पिता चंदर नारायण लामिछाने भारतीय रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। अब दिल्ली में रहते हैं। पिता की हरियाणा में तैनाती के दौरान संदीप ने क्रिकेट की शुरुआत यहीं से की। 2018 में उन्होंने आइपीएल दिल्ली डेयरडेविल्स क्रिकेट टीम में अपना स्थान बनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस युवा क्रिकेटर की तारीफ कर चुके हैं।

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