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जम्‍मू कश्‍मीर घाटी में खुले स्कूल-कॉलेज, आज से होंगे कई बड़े परिवर्तन, हर पल सतर्क हैं जवान

अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर में हालात अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। श्रीनगर में आज से स्कूल खुल गए हैं।ऐसे में एक बार फिर सुरक्षाबलों के लिए शांत माहौल बनाने की चुनौती है।

जम्मू, जागरण संवाददाता। सूरज की पहली किरण हो या फिर ढलती शाम, कश्मीर में सुरक्षाकर्मी पूरी तरह से मुस्तैद होकर अपनी ड्यूटी को अंजाम दे रहे हैं। मकसद एक ही है कि कश्मीर में शांति बनी रहे, किसी भी बेकसूर का आतंकी खून न बहा पाएं और शरारती तत्व कश्मीर के माहौल को खराब न कर सकें। जम्मू-कश्मीर में हालात अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। श्रीनगर में आज से स्कूल खुल गए हैं। करीब 14 दिन बाद घाटी में स्कूल-कॉलेज खुलने जा रहे हैं, ऐसे में एक बार फिर सुरक्षाबलों के लिए शांत माहौल बनाने की चुनौती है।अनुच्छेद 370 कमजोर होने और केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से ही कश्मीर में धारा 144 लागू थी।

श्रीनगर में स्कूल-कॉलेज खुल गए हैं, लेकिन अभी भी एक अजीब-सा सन्नाटा पसरा है। बच्चे धीरे-धीरे स्कूल-कॉलेज पहुंच रहे हैं। हालांकि, बच्चों की संख्या काफी कम है। स्कूल जाने वाले बच्चों को किसी तरह की परेशानी ना हो और किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके, इसके लिए सुरक्षाबल चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं।

श्रीनगर जिले में आज स्कूल खुल गए हैं, धीरे-धीरे बच्चों का पहुंचना भी शुरू हो रहा है। स्कूल के आस-पास भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। घाटी में करीब 14 दिन बाद स्कूल खुल रहे हैं, ऐसे में बच्चों में एक अलग-सा उत्साह है। प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना ना हो। घाटी में कॉलेज में एग्जाम की सुविधा पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही, जितने दिन स्कूल बंद रहे उतने दिन के लिए एक्स्ट्रा क्लास चलाई जाएगी। अब धीरे-धीरे पूरी सुविधा को आगे बढ़ाया जाएगा।

जम्मू में तो बीते कुछ दिनों से धारा 144 में ढील दी गई थी, लेकिन कश्मीर में अब धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं। श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नर शाहिद चौधरी के मुताबिक, सोमवार से घाटी में 190 स्कूल खुलें है। ऐसे में सबसे पहली और बड़ी चुनौती बच्चों की सुरक्षा की है। करीब 14 दिन बाद घाटी में स्कूल-कॉलेज खुलने जा रहे हैं, ऐसे में एक बार फिर सुरक्षाबलों के लिए शांत माहौल बनाने की चुनौती है। अनुच्छेद 370 कमजोर होने और केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से ही कश्मीर में धारा 144 लागू थी।

एक दिन भी नहीं चला मोबाइल इंटरनेट, फिर हो गया बंद
जम्मू-कश्मीर में बारह दिन बंद रहने के बाद शनिवार को बहाल की गई मोबाइल इंटरनेट सेवा रविवार सुबह अचानक फिर बंद हो गई। नेट बंद होने से मोबाइल फोन सिर्फ कॉल सुनने और करने के ही काम आ रहे हैं। मोबाइल की मदद से लोग सोशल मीडिया और इंटरनेट का प्रयोग करने से वंचित हो गए हैं।

अनुच्छेद 370 और 35ए को समाप्त करने के फैसले के मद्देनजर 4-5 अगस्त की रात को पूरे राज्य में मोबाइल इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई थी। 12 दिन तक बंद रखा गया। इस दौरान लोग केवल वाईफाई की मदद से बीएसएनएल के ब्रॉडबैंड इंटरनेट का प्रयोग कर वॉट्सऐप, ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसी सोशल मीडिया साइटें चला रहे थे।

शनिवार को 12 दिन बाद मोबाइल इंटरनेट पर लगे प्रतिबंध को पांच जिलों से हटा कर मोबाइल इंटरनेट की टू जी सेवा को शुरू कर दिया गया था। टू जी स्पीड होने के चलते मोबाइल पर केवल टेक्स्ट ही सही तरीके से हो पा रहा था। फिर भी लोग राहत महसूस कर रहे थे। इसी बीच थ्री जी और फोर जी इंटरनेट सेवा के भी जल्द शुरू होने का इंतजार कर रहे लोगों को रविवार सुबह उस समय झटका लगा जब अचानक मोबाइल इंटरनेट ने काम करना बंद कर दिया।

राज्य के सामान्य हो रहे हालातों के बीच जहां लोग कुछ दिनों में हाई स्पीड इंटरनेट सेवा की बहाली की उम्मीद जता रहे थे, वहीं अचानक इंटरनेट सेवा फिर बंद कर देने से लोग असमंजस में पड़ गए। किसी को भी इसके कारणों का पता नहीं चल सका। जिन लोगों के पास बीएसएनएल ब्रॉडबैंड लगे थे, वह वाईफाई की मदद से अपने फोन पर भी इंटरनेट का इस्तेमाल कर पाए।

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