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फर्रुखाबाद में 26 बच्चों को बंधक बनाने वाला सिरफिरा देर रात मुठभेड़ में ढेर, सुरक्षित निकाले गए बच्चे

फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के बरेली-इटावा हाईवे स्थित गांव करथिया में 26 बच्चों को बंधक बनाने वाले सिरफिरे को पुलिस ने नौ घंटे बाद मुठभेड़ में मार गिराया।

फर्रुखाबाद, मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के बरेली-इटावा हाईवे स्थित गांव करथिया में 26 बच्चों को बंधक बनाने वाले सिरफिरे को पुलिस ने नौ घंटे बाद मुठभेड़ में मार गिराया और बेसमेंट में रखे गए सभी बच्चे सकुशल रात एक बजे निकाल लिए गए। डीजीपी ओपी सिंह ने सिरफिरे के मुठभेड़ में मार गिराने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि कानपुर आइजी मोहित अग्रवाल की अगुवाई वाली पुलिस टीम पर उसने हमला बोला। बम से उड़ाने की धमकी दी थी। जवाबी कार्रवाई में उसे मार गिराया गया।

मौसा की हत्या में निचली अदालत से उम्रकैद की सजा पाए सिरफिरे ने पुलिस और ग्रामीणों को मजा चखाने के लिए गांव के ही 26 बच्चों को दोपहर 3:30 बजे घर में बंधक बना लिया था। इन्हें सालभर की अपनी बेटी के जन्मदिन के बहाने घर बुलाया था। गांव वाले और पुलिस जब उन्हें छुड़ाने पहुंचे तो फायङ्क्षरग की। बम फेंका। इसमें कोतवाल समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। समझाने पहुंचे चोरी के मामले में जमानत लेने वाले दोस्त को भी उसने गोली मार दी।

देर रात सिरफिरे ने आदेश बाथम की 6 महीने की बेटी शबनम को छत के मोखले से पुलिस को सौंप दिया। बच्ची को पुलिस एक घर में ले गई है। इसके बाद उसने डीएम के नाम एक टाइप किया हुआ पत्र बाहर फेंका, जिसमें लिखा है कि प्रधान ने उसे कालोनी नहीं दी और न ही शौचालय बनवाया। वहीं देर रात आइजी मोहित अग्रवाल भी गांव पहुंच गए और अफसरों से पूरी जानकारी ली।

इसके बाद ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने सुभाष के घर का दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाल लिया। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद वह छुड़ाकर अंदर भागा तो पीछे से पुलिस भी घुस गई। इस पर वह फिर फायरिंग करने लगा, जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली लगने से सुभाष की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने घर में बने बेसमेंट से बच्चों को सकुशल निकाल लिया।

यह सनसनीखेज वारदात जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के बरेली-इटावा हाईवे स्थित गांव करथिया में हुई। यहां का 40 वर्षीय सुभाष बाथम अपने मौसा मेघनाथ की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा पा चुका है। घर में चोरी की शिकायत पर उसने 2001 में मौसा की हत्या की थी। 2005 में उसे उम्रकैद हुई। 10 साल जेल में रहने के बाद हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गई। करीब तीन महीने पहले एसओजी ने फतेहगढ़ में हुई चोरी के आरोप में उसे जेल भेज दिया। वहां से डेढ़ माह पूर्व जमानत पर छूटा। खुद को फंसाने के शक में उसने पुलिस व ग्रामीणों से बदला लेने की योजना बना डाली।

गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे अपनी एक साल की बेटी के जन्मदिन के बहाने गांव के करीब 20 बच्चे घर बुलाए और सभी को बंधक बना लिया। देर तक बच्चों के घर न लौटने पर पड़ोसी जब सुभाष के घर पहुंचे तो उसने फायरिंग कर दी। उसने चिल्ला-चिल्लाकर गांव वालों पर फंसाने का आरोप लगाया। बच्चों को छुड़ाने पहुंचे कोतवाली प्रभारी राकेश कुमार व यूपी 112 की टीम पर उसने घर के भीतर से बम फेंक दिया।

इसमें राकेश कुमार, यूपी-112 के दीवान जयवीर सिंह व सिपाही अनिल कुमार घायल हो गए। पुलिस व स्वाट टीम ने कई घरों की छतों की घेराबंदी कर रखी है। क्षेत्रीय विधायक नागेंद्र ङ्क्षसह व एसपी डॉ. अनिल कुमार मिश्र ने लाउडस्पीकर से बाहर आने को कहा तो गालियां देने लगा। इस बीच गांव का दोस्त अनुपम दुबे उर्फ बालू समझाने गया तो दरवाजे के नीचे से गोली चला दी। गोली बालू के पैर में लगी। अंदर से शातिर यही चीख-चीखकर कह रहा है कि झूठे केस में जेल भिजवाए थे, अब झेलो।

घर में कैद बच्चों की कोई आवाज नहीं आ रही। इससे घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। शातिर की पत्नी व बेटी भी अंदर बताई जा रही है। हालांकि, बम-गोली चलने के बावजूद इनकी भी कोई आवाज नहीं आ रही। पुलिस-प्रशासनिक अफसर भी तनाव में हैैं। चर्चा यह भी कि शातिर ने तहखाना बना रखा है, कहीं बच्चे वहीं तो कैद नहीं? एसपी डॉ. अनिल कुमार मिश्र का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित निकालना ही शीर्ष प्राथमिकता है।

फर्रुखाबाद रवाना हुए एटीएस के कमांडो
खनऊ: शातिर अपराधी से निपटने के लिए आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) के कमांडो फर्रुखाबाद रवाना किए गए हैैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी समेत अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तलब कर बच्चों को सकुशल मुक्त कराने व सिरफिरे को गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने डीजीपी समेत अन्य अधिकारियों को किया तलब

बच्चों को बंधक बनाकर पुलिस पर फायरिंग कर रहे सिरफिरे से निपटने के लिए आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) के कमांडों की टीम रवाना कर दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से वापस आने पर देर शाम घटना की जानकारी होते ही डीजीपी ओपी सिंह समेत अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तलब किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को सकुशल मुक्त कराने और सिरफिरे को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बच्चों के स्वजन पहुंचे तो करने लगा फायरिंग
गांव के ही सुभाष बाथम ने गुरुवार अपराह्न 3.30 बजे गांव की सात वर्षीय खुशी, छह वर्षीय मुस्कान, चार वर्षीय आदित्य, आठ वर्षीय रोशनी, पांच वर्षीय आरवी, आठ वर्षीय लक्ष्मी, बृजकिशोर, आकाश समेत 24 बच्चों को अपनी एक वर्षीय बेटी के जन्म दिन का झांसा दे घर में बुलाकर बंधक बना लिया।

काफी देर तक बच्चों के घर न लौटने पर उनके स्वजन सुभाष के घर पहुंचे तो उसने फायरिंग कर दी। इससे भगदड़ मच गई। सूचना पर कोतवाली प्रभारी राकेश कुमार, यूपी 112 की टीम वहां पहुंची। पुलिस ने जब घर खुलवाने का प्रयास किया तो अंदर से सुभाष ने हथगोला फेंक दिया। इससे कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार, यूपी 112 के दीवान जयवीर सिंह, सिपाही अनिल कुमार घायल हो गए। अन्य थानों की फोर्स केसाथ स्वाट टीम ने पहुंचकर मकान की घेराबंदी कर ली।

समझाने गए मित्र पर झोंका फायर
सुभाष को समझाने क्षेत्रीय विधायक नागेंद्र सिंह पहुंचे। विधायक और पुलिस अधीक्षक अनिल मिश्रा ने लाउडस्पीकर से सुभाष से बाहर आने को कहा तो वह गालीगलौज करने लगा। इसी दौरान गांव का ही सुभाष का मित्र युवक अनुपम दुबे उर्फ बालू उसे समझाने के लिए उसके दरवाजे तक पहुंच गया, तो अंदर से सुभाष ने फायर कर दिया। पैर में गोली लगने से बालू घायल हो गया।
डेढ़ माह पूर्व ही छूटा है जेल से

ग्रामीणों ने बताया कि सुभाष को पुलिस ने तीन महीने पहले चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था। वह डेढ़ माह पहले जेल से छूट कर आया था। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस टीम बच्चों को बचाने का प्रयास कर रही है।

पुलिस से पकड़वाने की रंजिश में की वारदात

शातिर सुभाष वर्ष 2001 में गांव के मेघनाथ बाथम की गोली मारकर हत्या कर चुका है। इस मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा भी चुकी है, लेकिन हाईकोर्ट से वह जमानत पर चल रहा है। तीन माह पूर्व वह चोरी में पकड़ गया था। डेढ़ माह पूर्व वह जेल से छूटकर घर आया था। पुलिस से पकड़वाने की रंजिश में गांववालों को सबक सिखाने को शातिर युवक ने अपनी एक वर्षीय बेटी के जन्मदिन के बहाने गांव के 24 बच्चों को अपने घर बुलाकर कैद कर लिया।

बोला, मुझे पकड़वाने का कुछ तो मजा चखो
शातिर सुभाष चंद्र बाथम गुरुवार दोपहर आस पास के घरों में गया और कहा कि उसकी एक वर्षीय पुत्री का जन्मदिन है, इसलिए बच्चों की दावत रखी है। जिस पर ग्रामीणों ने अपने-अपने बच्चे सुभाष के साथ भेज दिए। कुछ बच्चे बाद में पहुुंचे। काफी देर तक बच्चों के न लौटने पर कुछ ग्रामीण सुभाष के घर पहुंचे। मकान बंद देख ग्रामीणों ने दरवाजा खटखटाया तो सुभाष ने अंदर से फायरिंग कर दी। ग्रामीण चीख कर भागे तो तो बोला कि मुझे पुलिस से पकड़वाने का अब कुछ तो मजा चखो।

डीजीपी बोले, बच्चों के कारण पुलिस संभल कर ले रही मोर्चा

इस संबंध में डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि पुलिस ने घेराबंदी कर ली है। बच्चों को नुकसान न पहुंचे, इसलिए संभलकर कार्रवाई कर रही है। युवक कमरे के अंदर से फायरिंग कर रहा है, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। बंधक बनाने वाला सजायाफ्ता है।

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