बड़ी खबर राजनीति

जम्मू और लद्दाख में जश्न, कश्मीर ने शांत रहकर लगाई बदलाव पर मुहर

सात दशक के लंबे इंतजार के बाद केंद्र शासित प्रदेश बनने का सपना साकार होने पर को लद्दाख खुशी से झूम उठा।

जम्मू, सात दशक के लंबे इंतजार के बाद केंद्र शासित प्रदेश बनने का सपना साकार होने पर को लद्दाख खुशी से झूम उठा। लेह के मुख्य बाजार में पांच घंटे तक नाच-गाने के बीच केंद्र शासित प्रदेश बनने की खुशियां मनाई गई। लेह में बसने वाले बौद्ध, शिया, सुन्नी मुस्लिमों के साथ क्रिश्चियन समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी इस जश्न में बराबर हिस्सा लिया।

लद्दाख के सांसद नांग्याल ने कहा कि लद्दाख के अच्छे दिनों की शुरुआत हो गई है। आगे देखिए क्या क्या होता है। लद्दाख के लोग पिछले 71 सालों सें बेसब्री के साथ इस दिन का इंतजार कर रहे थे। उनका कहना था कि मोदी सरकार ने लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा किया है। लेह में उप राज्यपाल का शपथ ग्रहण कार्यक्रम खत्म होने के बाद लेहवासी मुख्य बाजार में एकत्र होने लगे और सुबह नौ बजे के करीब यूटी की खुशी मनाने का सिलसिला शुरू हो गया। पारंपरिक वेशभूषा में लेह के निवासियों का नाच, गाना दोपहर दो बजे तक जारी रहा। शुक्रवार को भी लद्दाख के यूटी बनने की खुशियां मनाने का सिलसिला जारी रहेगा।

कारगिल का मुख्य बाजार बंद रहा

कारगिल में कश्मीर केंद्रित राजनीतिक दलों के प्रभाव के चलते लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के दिन को ब्लैक डे के रूप में मनाया गया। कारगिल का मुख्य बाजार वीरवार को भी बंद रहा। कश्मीर केंद्रित दलों के नेताओं की तरह कारगिल के कई नेता भी जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन का विरोध कर रहे हैं। जिले के नेताओं का कहना है कि कारगिल वासियों की आकांक्षाओं को नजरअंदाज कर जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन का फैसला उन्हें मंजूर ही है।

कश्मीर ने शांत रहकर लगाई बदलाव पर मुहर

नए युग का सूत्रपात

गृहिणी वैशाली ने कहा कि अब महिलाओं व युवाओं को उनके अधिकार मिलेंगे। हम आज नए युग में प्रवेश कर गए हैं। यह संभव हो पाया है मजबूत इच्छाशक्ति से। उम्मीद करते हैं अब तेज विकास की राह प्रशस्त होगी।भले ही कुछ लोग राज्य का दर्जा जाने से कुछ निराश भी थे पर खुशी इस बात की थी अब कोई क्षेत्र से भेदभाव नहीं कर पाएगा।लेह व कश्मीर में नए उप राज्यपालों ने शपथ ली। कश्मीर इस अवसर पर अमूमन शांत रहा। हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा प्रबंध मजबूत किए थे और इसका असर भी दिखा लेकिन लोग बदलाव के प्रति उत्सुक दिखे। क्षेत्र में शांति इस बदलाव इस बात का सुबूत है कि वहां भी अब लोग बदलाव को स्वीकार कर रहे हैं और हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।

पैंथर्स ने मांगा पूर्ण राज्य का दर्जा

पैंथर्स पार्टी ने केंद्र शासित राज्य का विरोध किया और जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य बनाने की मांग की। पैंथर्स पार्टी के चेयरमैन हर्षदेव सिंह ने कहा कि इससे डोगरा राज्य का दर्जा घटा दिया गया है।

कारगिल का मुख्य बाजार बंद रहा

कारगिल में कश्मीर केंद्रित राजनीतिक दलों के प्रभाव के चलते लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के दिन को ब्लैक डे के रूप में मनाया गया। कारगिल का मुख्य बाजार वीरवार को भी बंद रहा। कश्मीर केंद्रित दलों के नेताओं की तरह कारगिल के कई नेता भी जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन का विरोध कर रहे हैं। जिले के नेताओं का कहना है कि कारगिल वासियों की आकांक्षाओं को नजरअंदाज कर जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन का फैसला उन्हें मंजूर ही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *