कब है फादर्स डे और कैसे हुई थी इसकी शुरुआत, जानें यहां

ather’s Day 2019 Date बच्चों की लाइफ में मम्मी-पापा दोनों का ही रोल बहुत खास होता है। पिता के त्याग और बलिदान के लिए धन्यवाद कहने का फादर्स डे बहुत ही अच्छा मौका होता है।

नई दिल्ली, स्टार सवेरा ।

खिलौना भी पापा, बिछौना भी पापा, जब सीने से लगता है प्रतिबिंब अपना सा तो पापा के दिल को लगता है कोई सपना सा। बच्चों को खुश करने के लिए वे बन जाते हैं खुद खिलौना। अगर नींद आ जाए उनको तो बन जाते हैं बिछौना। कभी कंधों पर बिठाकर दिखाते हैं सारा जहां तो कभी अंगुली पकड़कर सहारा बन जाते हैं। यहां मिलता है उसे सुकून भी और सुरक्षा का अनकहा विश्वास भी।

फादर्स डे पूरी दुनिया में सेलिब्रेट किया जाता है जिसका मकसद बच्चों की लाइफ में पिता का क्या महत्व ये बताना और जताना है। सबसे पहले 19 जून 1910 को वाशिंगटन में इसे मनाया गया था। लेकिन 1972 में इसे आधिकारिक मान्यता मिली। साथ ही साथ इस दिन छुट्टी की भी घोषणा की गई।

ज्यादातर जगहों पर इसे जून के तीसरे संडे को सेलिब्रेट किया जाता है। सबसे पहले 5 जुलाई 1908 को वेस्ट वर्जीनिया के फेयरमोंट में फादर्स डे मनाया गया था। Grace Golden Clayton अनाथ थी और उन्होंने इस दिन को खास महत्व दिलाने के लिए बहुत समय तक प्रयास किया। महीनों पहले 6 दिसंबर 1907 को हुए एक खान(माइंस) हादसे में तकरीबन 210 लोगों की जान चली गई थी। Clayton ने उन्हीं 210 लोगों की याद में इस दिन को सेलिब्रेट करने की सोची। लेकिन अफसोस तब इसके लिए छुट्टी नहीं होती थी।

फादर्स डे मनाने के पीछे एक दूसरी कहानी भी सुनने को मिलती है। साल 1910 में 19 जून को वाशिंगटन के सोनोरा स्मार्ट डोड के प्रयासों के बाद मनाया गया। 1909 में स्पोकाने के चर्च में मदर्स डे पर उपदेश दिया जा रहा था जिसके बाद डोड को लगा कि मदर की ही तरह फादर्स डे भी मनाया जाना चाहिए। ओल्ड सेन्टेनरी प्रेस्बिटेरियन चर्च के पादरी डॉक्टर कोनराड ब्लुह्म की मदद से इस विचार को स्पोकाने YMCA से ले गई। जहां स्पोकाने YMCA और अलायन्स मिनिस्ट्री ने इस विचार पर अपनी सहमति जताई और 1910 में पहली बार फादर्स डे मनाया गया।

कैसे मनाते हैं फादर्स डे

बच्चों की लाइफ में जितनी अहम भूमिका मां की होती है उतनी ही पिता की भी। लेकिन मदर्स डे सेलिब्रेशन की धूम ज्यादा देखने को मिलती है। ये अच्छा मौका होता है जब आप अपने पिता को हर उस चीज़ के लिए धन्यवाद कह सकते हैं जो उनकी वजह से हासिल हुई हैं। इसे सेलिब्रेट करने का कोई प्रचलित तरीका नहीं है। जहां कोई गले मिलकर, गिफ्ट देकर इसे मनाता है वहीं कुछ लोग फादर्स के साथ ट्रिप प्लान कर, उन्हें लंच या डिनर पर ले जाकर इसे स्पेशल बनाते हैं।

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