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जब धरती से 400 Km. की ऊंचाई पर मीर और कोच ने खेला बेसबॉल

अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर द्वारा ट्वीट किए गए वीडियो में वह स्वयं गेंद फेंकते हुए दिख रही हैं जबकि क्रिस्टीना कोच कैचर बनी हुई हैं।

नई दिल्‍ली । 1846 में इंग्लैंड में शुरू हुआ बेसबॉल का खेल आज दुनिया के कई देशों में लोकप्रिय है। इसकी दीवानगी का आलम इस तस्वीर से बयां किया जा सकता है। यह तस्वीर अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आइएसएस) की है, जिसमें तीन अंतरिक्ष यात्री इस खेल का लुत्फ उठाते दिख रहे हैं। अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर द्वारा ट्वीट किए गए वीडियो में वह स्वयं गेंद फेंकते हुए दिख रही हैं, जबकि क्रिस्टीना कोच कैचर बनी हुई हैं। एंड्रयू मॉर्गन फ्लैशलाइट का इस्तेमाल बैट के तौर पर कर रहे हैं। वीडियो में वह पहली ही गेंद पर जेसिका मीर के हाथों कैच आउट होते हुए दिखे।

गत माह बनाया था इतिहास

आइएसएस में बेसबॉल खेल रहीं अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर और क्रिस्टीना कोच वही हैं, जिन्होंने गत माह पहली बार केवल महिला स्पेस वॉक से इतिहास रचा था। दोनों ने करीब साढ़े छह घंटे तक अंतरिक्ष में चहलकदमी की थी। कोच की वह चौथी, जबकि मीर की पहली स्पेस वॉक थी।
दुनियाभर में लोकप्रिय है बेसबॉल

आइएसएस में यह मैच वर्ल्ड सीरीज के उपलक्ष्य में खेला गया था। बेसबॉल का यह खेल आज कई देशों में खेला जाता है। 19वीं शताब्दी के अंत में यह अमेरिका का राष्ट्रीय खेल बन गया। बेसबॉल धीरे-धीरे इतना लोकप्रिय हो गया कि इसे ओलंपिक में भी स्थान मिल गया।
इस रफ्तार से घूम रहा आइएसएस

जेसिका मीर ने ट्वीट में लिखा कि 17,500 मील प्रति घंटे (28,163) की रफ्तार वाली इस गेंद ने अंतरिक्ष स्टेशन में अपना रास्ता ढूंढ़ लिया। बता दें कि ट्वीट में 17,500 मील प्रति घंटे का उल्लेख इस बात के संदर्भ में किया गया है कि कक्षा में बने रहने के लिए आइएसएस को इस गति से यात्रा करनी पड़ती है। आइएसएस अंतरिक्ष में अनुसंधान के लिए स्थापित किया गया है। इस परियोजना का आरंभ 1998 में हुआ था, जबकि 2011 में यह बनकर तैयार हुआ। वर्तमान में यह अब तक बनाया गया सबसे बड़ा मानव निर्मित उपग्रह है।

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