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Indian Railwaysरेलवे की लापरवाही के कारण हजारों यात्री कंफर्म टिकट के बावजूद इस बार अपने घर जाकर दीवाली और छठ नहीं मना पाए।

Indian Railwaysरेलवे की लापरवाही के कारण हजारों यात्री कंफर्म टिकट के बावजूद इस बार अपने घर जाकर दीवाली और छठ नहीं मना पाए।

नई दिल्ली। Indian Railways: रेलवे की लापरवाही के कारण हजारों यात्री कंफर्म टिकट के बावजूद इस बार अपने घर जाकर दीवाली और छठ नहीं मना पाए। इन लोगों का मात्र इतना दोष था कि इन्होंने आइआरसीटीसी (IRCTC) के एजेंट से केवल उनके वास्तविक मेल आइडी का उपयोग करने का अनुरोध नहीं किया था। नतीजतन एजेंट ने फर्जी मेल आइडी से इनका टिकट बुक करा दिया। लेकिन आरपीएफ ने छापामारी कर ऐसे सभी टिकटों को अवैध घोषित कर ब्लॉक करा दिया। हालांकि इसके बावजूद हजारों लोग इसी प्रकार के टिकटों पर यात्रा करने में सफल रहे और आरपीएफ उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाई।

रेलवे टिकटों की बुकिंग का धंधा जोरशोर से

देश में फर्जी मेल आइडी के जरिए रेलवे टिकटों की बुकिंग का धंधा जोरशोर से चल रहा है। इसे रोकने के लिए आइआरसीटीसी, क्रिस, कामर्शियल विभाग तथा आरपीएफ के अधिकारियों की टीम मिलकर प्रयास कर रही है। पिछले दिनो इस टीम ने आइआरसीटीसी द्वारा नियुक्त प्रिंसिपल सर्विस प्रोवाइडरों, रीजनल सर्विस प्रोवाइडरों के अलावा व्यक्तिगत दलालों के यहां छापे डाले, जिससे इनके देशव्यापी नेटवर्क का पता चला है।

टिकट बुक कराने वालों की धरपकड़

ये भोलेभाले लोगों को कंफर्म टिकट प्रदान करने के लिए उनकी फर्जी मेल आइडी बनाते और प्रयोग करते हैं। इन पर लगाम लगाने के लिए आरपीएफ ने एक मेल आइडी से तीन माह में 14 से अधिक टिकट बुक कराने वालों की धरपकड़ शुरू की। 26 अक्टूबर से 3 नवंबर तक चले अभियान में फर्जी आइडी पर बुक 28,01 कंफर्म टिकट ब्लॉक कराए गए। इससे 11 हजार से ज्यादा लोगों का न सिर्फ पैसा बर्बाद हुआ, बल्कि वे दीवाली और छठ मनाने अपने घर भी नहीं जा पाए। हालांकि इसी प्रकार के 15,426 टिकट वाले 60 हजार से ज्यादा लोगों को यात्रा करने से रेलवे नहीं रोक पाई। परंतु इनके एजेंट आरपीएफ के शिकंजे में आ गए हैं। इन्होंने बुकिंग के लिए 2720 मेल आइडी का इस्तेमाल किया था।

528 व्यक्तिगत एजेंट गिरफ्तार

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के महानिदेशक अरुण कुमार ने बताया कि देश में 1.76 लाख रीजनल सर्विस प्रोवाइडर (आरएसपी) हैं। इनमें से कई इस गोरखधंधे में लगे हैं। फर्जी मेल आइडी के अलावा मिर्ची और एनएमएस जैसे साफ्टवेयर का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों को इससे सावधान रहने की जरूरत है। एजेंट से टिकट बुक कराते वक्त उन्हें ये स्पष्ट कर देना चाहिए कि उनका टिकट उनके द्वारा प्रदत्त मेल आइडी से ही बुक कराया जाए। छापेमारी के 519 मामलों में 528 व्यक्तिगत एजेंट गिरफ्तार किए गए, जबकि 37 फरार हो गए हैं। इस दौरान गड़बड़ी में शामिल 65 आरएसपी की पहचान की गई है। जिसमें से 59 को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। इनमें 17 उत्तर रेलवे व 13 उत्तर-मध्य रेलवे के हैं।

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