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दिल्‍लीवालों सावधान, कोरोना के बीच में इस साल दो अन्य बीमारियों के फैलने का है सबसे ज्‍यादा खतरा

डेंगू से बचाव व जागरूकता के लिए 16 मई को हर वर्ष राष्ट्रीय डेंगू दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में अगर इस वर्ष लोग जागरूक नहीं हुए तो दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है।

नई दिल्ली । कोरोना ने देश दुनिया में हर जगह तबाही मचा रखी है। दिल्‍ली के लोग भी इससे खासे परेशान हैं। इसी बीच एक बार फिर दो और बीमारियों का खतरा दिलली की लाखों जनता के ऊपर मंडराने लगा है। हालांकि इस खतरे से समझदारी और सतर्कता से बचा जा सकता है। राष्ट्रीय डेंगू दिवस आज यानि शनिवार को है। डेंगू से बचाव व जागरूकता के लिए 16 मई को हर वर्ष राष्ट्रीय डेंगू दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में अगर इस वर्ष लोग जागरूक नहीं हुए तो दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है। क्योंकि, इस वर्ष डेंगू और चिकनगुनिया के ज्यादा फैलने की संभावना है।

जलजनित बीमारियों के लिए केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत नोडल एजेंसी के तौर पर कार्य करने वाली राष्ट्रीय जलजनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीबीडीसीपी) स्थानीय निकायों को चेताया है कि इस वर्ष डेंगू और चिकनगुनियां के मामले की संभावना बहुत है। हालांकि, इस चेतावनी के बाद दिल्ली के स्थानीय निकायों ने इस पर कार्य करना तो शुरू कर दिया है। लेकिन, कोरोना ने स्थानीय निकायों की समस्या को बढ़ा दिया है।

कोरोना के चलते दिल्ली के स्थानीय निकायों ने डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (डीबीसी) कर्मियों के जरिये घर-घर जाकर लार्वा चेकिंग अभियान को स्थगित कर दिया है। इससे अब पूरी जिम्मेदारी नागरिकों की है कि वह अपने घर में या आस-पास मच्छरों का प्रजनन न होने दें। अगर, लोगों ने लापरवाही की तो कोरोना के संकट के साथ मच्छरजनित बीमारी डेंगू-मलेरिया और चिकनगुनिया का भी सामना लोगों को करना पड़ सकता है।

दिल्ली में पिछले वर्ष में कई वर्षो बाद मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप कम देखने को मिला था। पिछले वर्ष डेंगू से केवल दो की मौत हुई थी, जबकि, वर्ष 2015 के बाद सबसे कम मामले भी दर्ज किए गए। इसकी प्रमुख वजह राज्य सरकार और नगर निगमों ने डेंगू-मलेरिया के जागरूकता अभियान को जन-जन तक पहुंचाया था। राज्य सरकार ने इसके लिए दस सप्ताह, दस दिन और दस बजे नाम का अभियान भी चलाया था।

डेंगू मादा एडीज मच्छर के काटने से होता है। साफ पानी अगर ज्यादा दिन तक एक स्थान पर जमा हो जाए तो मच्छर पनपने लगते हैं। इस मच्छर के पनपने की सबसे बड़ी वजह लोगों का घर ही बनता है। छतों पर रखे टायर, गमले और टूटे कप में बरसाती पानी होने पर मच्छर पनपते हैं।

यह मच्छर लोगों को काटता है तो बुखार आने के साथ शरीर में प्लेटलेट्स की कमी होने लगती है। बुजुर्ग, गर्भवती महिला, और छोटे बच्चों के पहले से किसी बीमारी से पीड़ित होने पर डेंगू का खतरा अधिक होता है।

डेंगू में कोरोना की वायरल बुखार होता है। चूंकि इस बार धूप कम है और बरसात पहले से ही हो रही है तो मच्छरों के पनपने का खतरा ज्यादा है इसलिए लोग अपने घर के आस-पास साफ सफाई रखें और सावधानी बरते तो वह इस बीमारी से बच सकते हैं।

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