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Nizamuddin Corona cases LIVE Updates: तबलीगी मरकज में विदेशों से भी आए थे 200 से अधिक लोग, ये रही लिस्ट

Nizamuddin Corona cases Updates निजामुद्दीन इलाके में पिछले दिनों आयोजित हुए तबलीगी जमात में शामिल कई लोगों के कोरोना वायरस संक्रमित होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है।
नई दिल्ली, दक्षिण दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में पिछले दिनों आयोजित हुए तबलीगी जमात में शामिल कई लोगों के कोरोना वायरस संक्रमित होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, जानकारी मिली है कि तबलीगी मरकज में शामिल होने के लिए मलेशिया, अफगानिस्तान, म्यांमार, थाईलैंड, श्रीलंका समेत दर्जन भर देशों से लोग आए थे।

वहीं, मरकज की तरफ से अपने बचाव में दलील दी गई है कि उन्होंने लॉक डाउन के निर्देश मिलने के फौरन बाद तकरीबन 15 सौ लोगों को मरकज से रवाना करवा दिया था और बाकी लोगों की मूवमेंट के लिए कुछ गाड़ियों की लिस्ट पुलिस को दी थी ताकि उनकी परमिशन हो सके।
उधर बचे हुए लोगों को मूव कराया जा सके यह जवाब दिल्ली पुलिस द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में हैं जिसमें उनसे यह सवाल किया गया था कि जब लॉक डाउन के निर्देश हुए बावजूद इसके मरकज में इतनी बड़ी तादाद में लोगों की मौजूदगी कैसे थी?

समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, अब तक 1034 लोगों को यहां से निकाल कर अलग-अलग जगहों पर भेज दिया गया है। 334 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 700 लोगों को क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया है। इसके लिए बसों ने 34 चक्कर लगाए। भीड़ में शामिल 34 लोगों को कोरोना वायरस संक्रमित पाया गया है।

इस बीच इतनी बड़ी संख्या में संभावित मरीजों के सामने आने की स्थिति में सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास पर आपात बैठक जारी है। इसमें स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं। दक्षिण दिल्ली नगर निगम की टीम मकरज भवन और आसपास के इलाकों को सैनिटाइन करने में जुटी हुई है। अगले एक-दो घंटों में पूरे इलाके को सैनिटाइज कर दिया जाएगा।

निजामुद्दीन स्थित मरकज का भवन अनधिकृत रूप से बनाया गया है। एसडीएमसी standing committee के डिप्टी चेयरमैन राजपाल सिंह ने सेंट्रल जोन के डीसी को पत्र लिखकर बिल्डिंग को सील करने को कहा है।

अब से कुछ देर पहले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain, Delhi Health Minister) ने कहा है कि हमारे पास बिल्कुल सही संख्या मौजूद नहीं है, लेकिन 1500-1700 के बीच लोग तब्लीगी जमात में शामिल हुए थे। अब तक 1300 लोगों को यहां से निकाला गया है। इनमें 334 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 700 लोगों के क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया है। निजामुद्दीन मरकज से विभिन्न अस्पतालों में लाए लोगों में 24 पॉजिटिव निकले हैं।

अंडमान में कुल 10 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, इसमें से 9 लोग निज़ामुद्दीन की मरकज़ से गए थे।
10 वीं मरीज़ इन्हीं में एक मरीज़ की पत्नी है, वह भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई है।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आयोजकों ने बहुत ही घोर अपराध किया है। मैंने उपराज्यपाल को चिट्ठी लिखकर कहा है कि इनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और इनको बख्शा ना जाए। FIR के निर्देश दे दिए हैं।

केंद्र सरकार ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम को क्वारन्टीन सेंटर बनाने की मंजूरी नहीं दी है
हमें दो दिन पहले ही रात को पता चला है कि 6 लोग राम मनोहर लोहिया में आए हैं, तब हमने कार्रवाई की।

इस बीच निजामुद्दीन स्थित तब्दीली मरकज से रविवार से लेकर मंगलवार सुबह तक करीब 900 लोग निकले जा चुके थे। रविवार को 200 लोगों को निकाला गया था। इन्हें डीटीसी की बसों से अगल अलग अस्पताल और आइसोलेशन सेंटरों में ले जाया जा रहा है। जिन लोगों में कोरोना के लक्षण मिल रहे हैं उन्हें एलएनजेपी, आरएमएल, राजीव गांधी अस्पताल आदि अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है।

वहीं, जिनमें अभी कोई लक्षण नहीं दिख रहा है उन्हें आइसोलेशन सेंटरों में 15 दिनों के लिए रखा जा रहा है। 15 दिन बाद इन्हें छोड़ा जाएगा। दिल्ली में जवाहरलाल स्टेडियम, बाहरी दिल्ली में आईटीबीपी कैंप, बुरारी और बवाना में आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है। अभी मरकज में 300- 400 लोग और बचे हैं, जिन्हें बाहर निकाले जाने का सिलसिला जारी है। तीन दिनों से रात दिन मरकज में रहने वाले लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। पूरे इलाके को पुलिस ने घेर रखा है।

तब्लीगी जमात में शामिल सभी सैकड़ों लोगों की होगी मेडिकल जांच

इस बाबत लगातार दिल्ली परिवहन निगम की बसों के जरिये सभी लोगों को यहां पर लाया जा रहा है। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, इन लोगों को विभिन्न अस्पतालों में चेकअप किया जाएगा।

गौरतलब है कि दिल्ली में 25 मार्च की रात 12 बजे से लॉकडाउन के दौरान निजामुद्दीन में तब्लीगी मरकज में शामिल 24 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

वहीं, इसके अलावा 228 संदिग्ध मरीज भी दिल्ली के दो अस्पतालों में भर्ती कराए गए हैं। इनकी रिपोर्ट आनी बाकी है। इस तरह कुल 252 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
पीड़ितों में दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार सहित कई अन्य राज्यों के लोग शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि ये कोरोना पीड़ित इंडोनेशिया, मलेशिया व जापान भी गए थे। वहां से लौटने के बाद इनमें से कई लोग तेलंगाना, तमिलनाडु व अंडमान गए थे। इस तब्लीगी मरकज में शामिल 1600 लोगों को क्वारंटाइन किया गया है। निजामुद्दीन में क्वारंटाइन किए गए जिन लोगों में बुखार, खांसी व सांस की परेशानी जैसे लक्षण विकसित हो रहे हैं उन्हें अस्पताल में स्थानांतरित किया जा रहा है।

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