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मुजफ्फरनगर के बाद मेरठ पहुंचीं प्रियंका, हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से करेंगी मुलाकात

कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने शनिवार की सुबह मुजफ्फरनगर में हिंसा में मारे गए नूर मोहम्‍मद के परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद वह करीब एक बजे मेरठ पहुंचीं।

मेरठ, कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा शनिवार की सुबह मुजफ्फरनगर पहुंचीं। उन्‍होंने यहां पर बीस दिसंबर को हुई हिंसा में मारे गए नूर मोहम्‍मद के परिजनों से मुलाकात की। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ सहारनपुर के पूर्व विधायक इमरान मसूद और पंकज मलिक हैं।

नूर मोहम्‍मद के परिजनों से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में प्रियंका वाड्रा ने कहा कि पुलिस यहां पर लोगों को बेवजह ही पीटा है। एक लड़की की शादी है, उसके यहां पर तोड़फोड़ की गई। बेवजह कम उम्र के बच्‍चों सहित कई लोगों को पकड़ लिया गया। मदरसे के अंदर पुलिस आई और बच्‍चों के साथ मारपीट की। जहां-जहां अन्‍याय हुआ है, हम वहां खड़े रहेंगे। हमारी पास पूरी डिटेल है, जहां-जहां पुलिस ने मारपीट की है। जिनके साथ भी अन्‍याय हुआ, हम उनके साथ खड़े हैं। न्‍याय दिलाकर रहेंगे।

कुछ देर में मेरठ में हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से भूडबराल में मिलेंगी प्र‍ियंका वाड्रा। मुजफ्फरनगर से लौटते वक्‍त मेरठ के सिवाया टोल प्‍लाजा पर प्रियंका की गाड़ी रुकते ही भाजपा कार्यकर्ता दौराला निवासी सुदेश अहलावत ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने पकड़ा, काफिला जाने के बाद छोड़ा। बीस दिसंबर को मेरठ में हिंसा में छह लोग मारे गए थे। इसके पूर्व बीते 24 दिसंबर को प्रियंका वाड्रा और राहुल गांधी को मेरठ आने से रोका गया था, दोनों यहां पर बीस दिसंबर को जुमे की नमाज की बाद हुई हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने आ रहे थे।

इसके पूर्व 24 दिसंबर को मेरठ आ रहे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को मेरठ पुलिस ने परतापुर थाने के पास ही रोक दिया था। पुलिस के आग्रह पर वे दिल्ली लौट गए थे। बिजनौर के बाद अब मेरठ आ रहीं प्रियंका गांधी ने फोन पर ही हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से बात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि वे उनके साथ हैं। जल्द मिलने भी आएंगी।

इसके पूर्व 24 दिसंबर को मेरठ आने की कोशिश करते हुए दिल्ली वापस लौटने से पहले प्रियंका ने मीडिया से कहा था कि हम हिंसा पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे थे, लेकिन मेरठ में धारा 144 का हवाला देकर पुलिस ने जाने नहीं दिया। हमें उनसे मिलने से रोका गया। हम कोई टकराव नहीं चाहते हैं, इसलिए लौट रहे हैं।

उन्होंने कानून-व्यवस्था पर तंज भी कसा और कहा कि नागरिकता संशोधन कानून की आग में जबरन लोगों को झोंका जा रहा है।राहुल गांधी से जब पूछा गया कि क्या भाजपा सरकार आपको जनता तक पहुंचने से रोकना चाहती है, तो वे बस इतना बोले कि अब आप ही देख लीजिए, यहां क्या हो रहा है। राहुल बोले, पुलिस से रोके जाने का हमने आदेश मांगा, लेकिन उन्होंने आदेश नहीं दिखाया। बस लौट जाने को कहते रहे।

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