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प्रवासी मजदूरों पर सियासत: नोएडा में पुलिस ने रोकी कांग्रेस की बसें

कांग्रेसी दावा करते रहे कि कामगारों को उनके गृह जनपद पहुंचाने के लिए उनके पास पांच सौ बसें हैं वहीं पुलिस अधिकारी कहते रहे कि मात्र तीस बसें मिलीं।

नोएडा। प्रवासियों को उनके गृह जनपद भेजने के लिए कांग्रेस की बसों की मुहिम को लेकर मंगलवार को दिनभर सियासत हुई। कांग्रेसी दावा करते रहे कि कामगारों को उनके गृह जनपद पहुंचाने के लिए उनके पास पांच सौ बसें हैं, वहीं पुलिस अधिकारी कहते रहे कि मात्र तीस बसें मिलीं। अधिकांश की स्थिति ऐसी नहीं थी कि उनसे कामगारों को भेजा जा सके, बसों की जांच कराई जा रही है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के निजी सचिव संदीप सिंह भी मंगलवार रात बसों के साथ नोएडा-गाजियाबाद बॉर्डर पर पहुंच गए। इस दौरान उन्‍होंने यूपी के अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह का पत्र लिखा है। उन्‍होंने कहा है कि हम 19 मई की सुबह से ही नोएडा और गाजियाबाद की सीमा के साथ-साथ सीमा पर हैं और आपकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। हम 20 मई को शाम 4 बजे तक बने रहेंगे।

शीर्ष नेतृत्व के इशारे पर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज मलिक व महासचिव वीरेंद्र गुड्डू, जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी व नोएडा महानगर अध्यक्ष शाहबुद्दीन के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने जिला प्रशासन को पांच सौ बसों की लिस्ट सौंपी। तय हुआ कि बसें ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट भेजी जाएंगी। वहीं एआरटीओ बसों की स्थिति चेक करेंगे। उसके बाद प्रशासन के माध्यम से कामगारों को घर भेजा जाएगा। शाम करीब साढ़े पांच बजे कांग्रेस नेता बसों के काफिले के साथ सेक्टर-125 के पास एक्सप्रेस-वे पर पहुंच गए।

महामाया फलाईओवर के पास बसों को डीसीपी जोन एक संकल्प शर्मा और एडीसीपी रणविजय सिंह ने रोक कर चालकों और उनके कागजात की जानकारी मांगी। लेकिन, कांग्रेसी बसें लेकर ग्रेटर नोएडा एक्सपो मार्ट जाने पर अड़ गए। इस पर दोनों पक्षों में जमकर बहस हुई।

इसी बीच पुलिस पुलिस अधिकारियों ने एआरटीओ और उनकी टीम को मौके पर बुलवाकर गाड़ि‍यों की चेकिंग शुरू कराई तो फिर कांग्रेसी नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव वीरेंद्र गुड्डू ने बताया कि करीब 100 बसों को नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर सेक्टर-125 के पास रोक दिया गया, वहीं कुछ बसों को सेक्टर-39 थाने में खड़ा कर दिया गया है।

डीसीपी जोन संकल्‍प शर्मा ने कहा कि कांग्रेसियों द्वारा उपलब्ध बसों की जांच के लिए एआरटीओ को कहा गया है। मौके पर करीब तीस बसें थीं, उनके बारे में परिवहन विभाग के अधिकारी जांच पड़ताल कर रहे हैं। जांच के बाद ही आगे का फैसला लेंगे।

गौतमबुद्ध नगर के एआरटीओ एके पांडेय ने कहा कि हम लोग दिन भर ग्रेटर नोएडा एक्सपो मार्ट पर खड़े रहे, लेकिन कांग्रेस की एक भी बस यहां नहीं पहुंची। कुछ बसें एक्सप्रेस-वे पर होने की सूचना मिली थी। उसके बारे में जांच की जा रही है।

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