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सर्दी का मौसम शुरू होने पर हिरासत में लिए गए राजनीतिक बंदी को दूसरे जगह शिफ्ट किया जाएगा

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद होटल से शिफ्ट किए जा सकते हैं राजनीतिक बंदी होटल संतूर में बनाई गई उपजेल में 34 नेताओं को हिरासत में रखा गया है

जम्मू, जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद सुरक्षा के लिहाज से हिरासत में लिए राजनीति से जुड़े लोगों को संतूर होटल से शिफ्ट करने पर मंथन चल रहा है। होटल संतूर में बनाई गई उपजेल में 34 नेता बंद हैं। शिफ्टिंग का मुख्य कारण सर्दी का मौसम शुरू होते ही होटल में हीटिंग के प्रबंध सही न होना और अधिक बिल है।

होटल में नेशनल कांफ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, पीपुल्स कांफ्रेंस के नेताओं के अलावा कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं को रखा है। यह होटल डल झील के किनारे स्थित है। प्रशासन के अनुसार सर्दी बढ़ते ही यहां तापमान शून्य से भी कम जाता है। यहां पर हीटिंग के उचित प्रबध न होने के कारण राजनीतिक लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट करने पर विचार किया जा रहा है। इन जगहों में श्रीनगर स्थित एमएलए होस्टल शामिल है। इस होस्टल में पूर्व विधायकों के ठहरने के कारण निजी और सरकारी होटलों को भी देखा जा रहा है।

प्रशासन सुरक्षा वाले स्थान पर इन राजनीतिक लोगों को शिफ्ट करेगी। राजनीतिक लोगों में पीपुल्स कांफ्रेंस के सज्जाद लोन, नेशनल कांफ्रेंस के अली मोहम्मद सागर, पीडीपी के नईम अख्तर, पूर्व आइएएस शाह फैसल शामिल हैं।

होटल प्रबंधन एक दिन का पांच हजार मांग रहा

होटल में नब्बे दिनों से बंद नेताओं को रखने के लिए 2.65 करोड़ खर्च आ चुका है। यह होटल इंडियन टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन का है। उसने यह बिल गृह विभाग को भेजा है। हालांकि, होटल द्वारा सौंपे गए बिल पर प्रशासन सहमत नहीं है। प्रशासन का साफ कहना है कि होटल को जेल में बदला गया है और सरकारी रेट पर भुगतान होगा। सरकार एक दिन ठहरने का मात्र आठ सौ रुपये देती है, लेकिन होटल प्रबंधन ने पांच हजार रुपये मांगा है।
श्रीनगर में संडे मार्केट में हुई जमकर खरीदारी

जानकारी के अनुसार उधर कश्मीर में तेजी से हालात में सुधार हो रहा है। रविवार को संडे मार्केट में जमकर खरीदारी हुई। श्रीनगर शहर के टीआरसी चौक, जहांगीर चौक, लाल चौक और शहर के अन्य स्थानों पर बड़ी संख्या में रेहड़ी फड़ी वालों ने कपड़ों सहित अन्य सामान के स्टाल लगाए। लोगों ने कपड़े व आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी की। दोपहर तक कई जगहों पर दुकानें भी खुली रहीं। सड़कों पर बड़ी संख्या में निजी वाहन दौड़ते नजर आए। ऑटो रिक्शा भी चले और अंतराज्यीय कैब भी चली। सार्वजनिक वाहन कम ही दिखाई दिए।

कश्मीर घाटी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबल और पुलिस को तैनात किया गया है। घाटी में हालात शांतिपूर्ण रहे। लैंडलाइन और पोस्टपेड मोबाइल सेवा को पहले ही बहाल किया जा चुका है। जम्मू कश्मीर में एहतियातन मोबाइल इंटरनेट सेवा को बंद रखा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती नजरबंद हैं। फारूक अब्दुल्ला को जन सुरक्षा अधिनियम के तहत बंद रखा गया है। कई अलगाववादी और मुख्यधारा की पार्टियों के नेता हिरासत में हैं।

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