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मुश्किल था लॉकडाउन काटना, अपने परिवार से मिलने के लिए तरस रही थी महिला हॉकी कप्तान

रानी ने कहा पता है कि बहुत से लोग यात्रा करने या बाहर खाने के लिए तरस गए थे लेकिन लॉकडाउन के दौरान मैं जिस चीज के लिए तरस रही थी वह मेरे परिवार से मिलने को था।

नई दिल्ली, भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के बेंगलुर केंद्र में करीब तीन महीने से समय बिता रहीं भारतीय हॉकी टीम को पिछले सप्ताह ही अपने-अपने घर जाने की इजाजत दे दी गई। भारतीय महिला टीम की कप्तान रानी रामपाल अपने घर लौटने से बहुत खुश हैं। इसमें से कई खिलाड़ियों ने अपने घर वालों से मिलने की खुशी जाहिर की और बताया कि लॉकडाउन उनके लिए कितना मुश्किल रहा।

रानी ने कहा, “पता है कि बहुत से लोग यात्रा करने या बाहर खाने के लिए तरस गए थे, लेकिन लॉकडाउन के दौरान मैं जिस चीज के लिए तरस रही थी, वह मेरे परिवार से मिलने को था। मैं बहुत खुश हूं कि मैं आखिरकार यहां हूं और उनके साथ कुछ दिन बिता सकती हूं।

आगे उन्होंने कहा, “निश्चित रूप से, इसके लिए मैं हॉकी इंडिया (एचआइ) और साइ की बहुत आभारी हूं, जिन्होंने हमारी बहुत देखभाल की। अब मेरा ध्यान घर पर भी अपनी फिटनेस बनाए रखने पर होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि मैं अपने घर वालों के साथ अपना समय बिताऊं।

पुरष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह ने कहा, “मेरी मां, भाई और मेरे दोनों पालतू डॉग सैम और रियो के लिए घर लौटना एक बहुत अच्छा अहसास था। भले ही मैं वीडियो कॉल पर लगातार संपर्क में था, लेकिन मैं वास्तव में घर वापस आने के लिए उत्सुक था। अब मैं कह सकता हूं कि घर वापस आना बहुत अच्छा लगा।

फॉरवर्ड मनदीप सिंह ने कहा, “जब मैंने घर में कदम रखा तो ऐसा लगा कि अभी ही दुनिया में आया हूं। मैं काफी समय बाद घर लौटा हूं, इसलिए अपने परिवार से मिलना और उनके साथ समय बिताना अच्छा होगा।”

महिला टीम शिविर के लिए फरवरी से ही बेंगलुरू पहुंच गई थी जबकि पुरषष टीम मार्च के पहले सप्ताह में वहां पहुंची थी। एचआइ ने फैसला किया है कि टीम को 19 जुलाई को दोबारा बुलाया जाएगा और तब दोबारा ट्रेनिंग शुरू की जाएगी।

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