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Coronavirus & Immune System: कोरोना वायरस से आख़िर कैसे लड़ पाता है मानव शरीर?

Coronavirus Immune System पहली बार ऑस्ट्रेलिया के पीटर डोहर्टी इंस्टीट्यूट फॉर इंफेक्शन एंड इम्युनिटी के शोधकर्ता इस बात को समझने में सफल हुए हैं कि इंसान वायरस से कैसे लड़ते है

नई दिल्ली, How Immune System Fights Coronavirus: यह समझना कि दुश्मन आखिर कैसे काम करता है, शायद उसे हराने की दिशा में पहला कदम हो सकता है। यही वजह है कि दुनियाभर के वैज्ञानिक यह पता लगाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि आखिर कोरोनो वायरस शरीर में जाकर क्या करता है।

इसी कोशिश में पहली बार ऑस्ट्रेलिया के पीटर डोहर्टी इंस्टीट्यूट फॉर इंफेक्शन एंड इम्युनिटी के शोधकर्ता इस बात को समझने में सफल हुए हैं कि इंसान वायरस से कैसे लड़ते हैं। ऑस्ट्रेलिया इन वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने इस बात की पहचान कर ली है कि मानव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कोरोना वायरस का मुक़ाबला कैसे करती है।

चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोना वायरस का संक्रमण अब तक 159 से अधिक देशों तक पहुंच चुका है। कोरोना वायरस ने दुनियाभर में अभी तक दो लाख से ज़्यादा लोगों को शिकार बना लिया है, जबकि करीब 9000 लोग इस खतरनाक वायरस की वजह से जान गवां चुके हैं। वहीं, लगभग 84 हज़ार लोग इस बीमारी से लड़कर पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं।

ऑस्ट्रेलिया में हुए इस शोध में कहा गया है कि चीन समेत कई देशों में लोगों के कोरोना वायरस संक्रमण से उबरने की खबरें आने लगी हैं। ऐसे में शोधकर्ताओं ने यह पता करने का प्रयास किया कि आख़िर मानव शरीर का सुरक्षा तंत्र इस वायरस से कैसे लड़ता है और कैसे उसे हराता है।

इस शोध का मकसद उन कोशिकाओं के काम के बारे में पता लगाना था जो इस वायरस से लड़ रही हैं। उनका मानना है कि इस शोध से वायरस के लिए वैक्सीन तैयार करने में भी मदद मिलेगी।इस शोध में शामिल प्रोफ़ेसर कैथरीन केडज़िएर्स्का के मुताबिक़, यह एक बेहद महत्वपूर्ण खोज है क्योंकि हमें पहली बार शोध से यह पता चल पा रहा है कि हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) कोरोना वायरस से कैसे लड़ता है।

एक तरफ जहां कोरोना वायरस के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं वहीं दसूरी तरफ लोग तेज़ी से इस वायरस को हरा भी रहे हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि इसेस संक्रमित हुए कई लोगों को क्वारेंटीन में रखा गया था लेकिन वो स्वस्थ होकर अपने घर लौटे हैं। ये अपने आप में साफतौर में बताता है कि मानव शरीर के इम्यून सिस्टम को इससे लड़ना आता है। ऐसा पहली बार हुआ जब रिसर्च के माध्यम से चार प्रकार की प्रतिरक्षा कोशिकाओं की पहचान की गई है, जो कोविड-19 से लड़ने में सक्षम पाई गईं।

स्विनबर्न यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में हेल्थ साइसेंस के डीन प्रोफेसर ब्रूस थॉम्पसन का कहना है कि, ये रिसर्च वायरस को पहचानने में मदद कर सकती है। ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्री ग्रेग हंट का कहना है कि इस खोज से कोरोना वायरस के लिए वैक्सीन बनाने में तेज़ी आएगी और जल्द से जल्द लोगों को इलाज मुहैया कराया जा सकता है।

प्रोफेसर केडज़िएर्स्का का कहना है कि अगले कदम में यह पता करना होगा कि जिन मामलों में संक्रमण काफी अधिक था उस समय प्रतिरक्षा प्रक्रिया क्यों कमज़ोर हो गईं या क्यों सफल नहीं हो पाईं। उन्होंने कहा कि अब यह समझना ज़रूरी है कि जिन लोगों की मौत हुई उनके शरीर में किस चीज़ की कमी थी या फिर क्या सिर्फ़ उन्हीं लोगों की मौत हुई जिन्हें कोई घातक बीमारी थी? अगर ये सभी बातें साफ हो जाती हैं, तो यह समझना भी आसान हो जाएगा कि लोगों को इस वायरस से कैसे बचाया जा सकता है।

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