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Shaheen Bagh protest: क्या खत्म होने वाला है धरना? बुलाने पर भी नहीं पहुंच रहे लोग

Shaheen Bagh protest बुधवार को भी दोपहर में यहां काफी कम लोग दिखे। भीड़ को घटते देख धरने के संयोजकों की चिंता भी बढ़ गई है।

नई दिल्ली, सीएए व एनआरसी के विरोध में शाहीन बाग में धरने पर बैठे लोगों की संख्या लगातार घटती जा रही है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया और शाहीन बाग में धरनास्थल पर दो बार हुई फायरिंग के बाद से पुलिस ने दोनों जगहों पर सुरक्षा जांच बढ़ा दी है। इसकी वजह से अब यहां पर आने वालों की संख्या काफी कम हो गई है। बुधवार को भी दोपहर में यहां काफी कम लोग दिखे। भीड़ को घटते देख धरने के संयोजकों की चिंता भी बढ़ गई है।

धरने के संयोजकों ने मंगलवार को शाहीन बाग के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट करके लोगों से अपील की है कि वे ज्यादा संख्या में धरनास्थल पर पहुंचे। अपील में कहा गया है कि चार से सात फरवरी तक रात 11 बजे से सुबह 11 बजे तक धरने में बड़ी संख्या में पहुंचें। इससे यह भी चर्चा होने लगी है कि क्या सात फरवरी के बाद धरना समाप्त कर दिया जाएगा। इस अपील में यह भी कहा गया है कि चुनाव आते ही धरने पर राजनीति होने लगी है।

धरनास्थल तक जाने वालों से पुलिस कड़ी पूछताछ करती है। पुलिस लोगों के पहचान पत्र, आधार संख्या, मोबाइल नंबर व घर का पता आदि नोट करती है। ऐसे में लोगों को धरनास्थल पर जाने में यह भी डर लगता है कि कोई बात होने पर वह पुलिस से बच नहीं पाएंगे। वहीं, धरनास्थल तक जाने के लिए प्रदर्शनकारियों की ओर से भी जांच की जाती है। आई कार्ड व आधार नंबर व घर का पता आदि मांगा जाता है।

प्रदर्शनकारी अक्सर मीडियाकर्मियों से उनके कैमरे और मोबाइल छीनते दिखाई देते हैं। इस दौरान जगह-जगह पर प्रदर्शनकारी मीडियाकर्मियों से फोटो और वीडियो न बनाने की चेतावनी भी देते हैं। उनसे कैमरा छीनकर फुटेज भी डिलीट कर देते हैं। ऐसे में लोगों के मन में भी सवाल उठते हैं कि आखिर वहां ऐसा क्या हो रहा है जिसके कवरेज से रोका जाता है। गौरतलब है कि पिछले करीब डेढ माह से शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ जारी प्रदर्शनों की वजह से दिल्ली आने-जाने वालों को परेशान हो रही है।

सीएए व एनआरसी के विरोध में शाहीन बाग में चल रहे धरना प्रदर्शन में बुधवार को महिला को कैमरा लेकर पहुंचना भारी पड़ गया। गनीमत रही की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें भीड़ से बचा लिया। जानकारी के मुताबिक यू-ट्यूब चैनल चलाने वाली गुंजा कपूर शाहीन बाग धरने को कवर करने बुर्का पहनकर गई थीं। वह लोगों से धरने को लेकर सवाल कर रही थीं।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पहले गुंजा ने अपना नाम बरखा बताया, लेकिन जब आधार कार्ड मांगा गया तो उसपर नाम गुंजा कपूर लिखा हुआ था। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने गुंजा को घेर लिया और उनसे अभद्रता करने लगे। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बड़ी मुश्किल से गुंजा को आक्रोशित प्रदर्शनकारियों से बचाया।

गुंजा ने देर शाम कांस्टीट्यूशन क्लब में प्रेस कांफ्रेंस कर अपने साथ हुई अभद्रता की जानकारी दी। उनका आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनका आधार कार्ड व मोबाइल फोन छीन लिया है। गुंजा ने बताया कि पुलिस सही समय पर नहीं पहुंचती तो प्रदर्शनकारी उन्हें मार डालते।

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