च्युइंग गम चबाने से कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा: स्टडी

च्युइंग गम और मेयोनीज समेत करीब 900 फूड आइटम्स में एक ऐसे फूड एडिटिव का इस्तेमाल किया जाता है जिसके सेवन से पेट से जुड़ी बीमारियां, खासतौर पर कोलोरेक्टल कैंसर होने का खतरा रहता है।

नई दिल्ली, स्टार सवेरा ।

अगर आप भी बहुत ज्यादा च्युइंग गम चबाते हैं या फिर खाने में वाइट कलर का मेयोनीज आपको काफी पसंद है तो इन चीजों का बहुत ज्यादा सेवन करने से पहले सावधान हो जाइए। इन चीजों में मौजूद फूड एडिटिव की वजह से आपको कोलोरेक्टल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

दरअसल, खाद्य पदार्थों में रूप, रंग, गंध या अन्य किसी गुण को सुरक्षित रखने या बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाले एजेंट्स को फूड एडिटिव कहा जाता है। च्युइंग गम या मेयोनीज जैसी चीजों में वाइटनिंग एजेंट के रूप में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले फूड एडिटिव की वजह से पेट में जलन से जुड़ी बीमारी और कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा रहता है। हाल ही में हुई एक स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है।

वाइटनिंग एजेंट के तौर पर इस्तेमाल
E171 जिसे टाइटेनियम डाइऑक्साइड नैनोपार्टिकल्स कहते हैं एक फूड एडिटिव है जिसका इस्तेमाल वाइटनिंग एजेंट के तौर पर बड़ी मात्रा में खाने-पीने की कई चीजों और यहां तक की दवाईयों में भी होता है। इस फूड एडिटिव का हमारे स्वास्थ्य पर क्या असर होता है यह जानने के लिए चूहों पर एक स्टडी की गई। E171 का इस्तेमाल 900 से भी ज्यादा फूड प्रॉडक्ट्स में होता है और आम लोग हर दिन बड़ी संख्या में इस फूड एडिटिव का सेवन करते हैं।

गट यानी आंतों पर पड़ता है बुरा असर
फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन नाम के जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी में कहा गया है कि ऐसे फूड आइटम्स का सेवन करना जिसमें E171 फूड एडिटिव शामिल है का सीधा असर हमारे गट यानी आंतों पर पड़ता है जिसकी वजह से पेट से जुड़ी कई बीमारियां और कोलोरेक्टल कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होने की आशंका भी रहती है। बावजूद इसके अबतक फूड एडिटिव्स का हमारी सेहत पर क्या असर पड़ता है इस बारे में बहुत अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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