सूरदास के 5 मशहूर भजन, जो मन मोह लेंगे आपका

हिंदी साहित्य के सूरज माने जाने वाले ब्रजभाषा के श्रेष्ठ कवि सूरदास की आज जयंती है.

नई दिल्ली, स्टार सवेरा ।

सूरदास ने वात्सल्य भाव से लेकर कृष्ण लीला तक पर कई सुंदर पद लिखे. ऐसा कहा जाता है कि 15वीं शताब्दी में सूरदास अपने भजनों से चरवाहों को लुभाते आज भी उनकी भक्ति के लबरेज रचनाओं से हिंदी साहित्य जगमगा रहा है. सूरदास ने अनेक ग्रंथों की रचना की. काशी नागरीप्रचारिणी सभा के खोज विवरण की रिपोर्ट के मुताबिक़, सूरदास के नाम से 25 ग्रंथों की सूची उपलब्ध है.

भक्त सूरदास की रचनाएं कृष्ण प्रेम में डूबी हुई हैं. उन्होंने अपनी रचनाओं में कृष्ण लीला का इतना मनोहर वर्णन किया है कि सुनने वाला मंत्रमुग्ध हो जाए. आइए आज इस खास मौके पर सुनते हैं सूरदास के 5 मशहूर भजन जिनकी है दुनिया दीवानी.

मेरो मन अनत कहां सुख पावेजैसे उड़ी जहाज को पंछी,पुनि जहाज पे आवे
मेरो मन अनत कहाँ..अनत कहां सुख पावे
मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो

भोर भयो गैयन के पाछे, मधुवन मोहिं पठायो
चार पहर बंसीबट भटक्यो, सांझ परे घर आयो

प्रभु मेरे अवगुण चित ना धरोसमदर्शी प्रभु नाम तिहारो, चाहो तो पार करो

सबसे ऊंची प्रेम सगाई
दुर्योधन के मेवा त्याग्यो, साग विदुर घर खाई

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