आज से टीम इंडिया का मिशन वर्ल्ड कप, विराट ब्रिगेड की हुंकार, बैकफुट पर साउथ अफ्रीका

आईसीसी वर्ल्ड कप-2019 में आज भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उतरेगी. इस वर्ल्ड कप में अब तक दक्षिण अफ्रीका का अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा है. पहले मैच में मेजबान इंग्लैंड ने उसे मात दी थी तो दूसरे मैच में बांग्लादेश ने उसे पटका था.

नई दिल्ली, स्टार सवेरा ।

दक्षिण अफ्रीका के वर्ल्ड कप इतिहास को देखते हुए उसे चोकर्स कहा जाता है. अभी तक इस वर्ल्ड कप में अनचाहे में ही सही दक्षिण अफ्रीका इस तमगे से पीछा छुड़ाती नहीं दिख रही है. इंग्लैंड के खिलाफ हार समझ में आती है, लेकिन बांग्लादेश के सामने नतमस्तक होना उसकी ख्याति के खिलाफ ही गया है. उसकी परेशानियां कम भी नहीं हो रही हैं. टूनार्मेंट की शुरुआत में ही उसके मुख्य तेज गेंदबाज डेल स्टेन चोटिल हो गए थे और अब लुंगी नगिदी 10 दिन के लिए बाहर हो गए हैं. उन्हें द ओवल में खेले गए मैच में मांसपेशियों में खिंचाव की शिकायत हो गई थी.

वहीं, भारत के लिहाज से देखा जाए तो उसके लिए यह अच्छी खबर है. न्यूजीलैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में स्विंग के सामने भारतीय बल्लेबाज बिखर गए थे. ऐसे में दक्षिण अफ्रीका के दो मुख्य गेंदबाजों का न होना निश्चित ही भारतीय बल्लेबाजों के लिए राहत की बात होगी. अब उनके सामने कगिसो रबाडा की चुनौती अहम होगी.भारतीय बल्लेबाजी की लय शीर्ष-3 के प्रदर्शन पर काफी निर्भर करती है. इन तीन में से अगर एक भी अंत तक खड़े हो जाता है तो भारत का स्कोर अच्छा होता है. बीते दो साल में यही देखा गया है. ऐसे में रोहित शर्मा-शिखर धवन की सलामी जोड़ी पर अच्छी शुरुआत का दारोमदार है तो विराट कोहली पर टीम को संभालने की जिम्मेदारी है.

गेंदबाजी में कोहली किन दो तेज गेंदबाजों के साथ उतरते हैं यह देखना होगा. काफी हद तक संभावना है कि जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर की कुमार की जोड़ी मैदान पर होगी, लेकिन मोहम्मद शमी की फॉर्म को देखते हुए कोहली, कुमार की जगह उन्हें मौका दे सकते हैं. बुमराह का खेलना तय है. तीसरे तेज गेंदबाज के रूप में भारत के पास हार्दिक पांड्या का विकल्प है. वहीं देखना यह भी दिलचस्प होगा कि कोहली और मुख्य कोच रवि शास्त्री लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल और चाइनामैन कुलदीप यादव की जोड़ी के साथ ही जाते हैं या अनुभवी हरफनमौला खिलाड़ी रवींद्र जडेजा को मौका देते हैं.

हाशिम अमला का खराब फॉर्म बड़ी परेशानी

दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी को लेकर चिंता नई है, लेकिन उसकी पुरानी चिंता उसकी बल्लेबाजी है. टीम की बल्लेबाजी कमजोर है और क्विंटन डी कॉक और कप्तान फाफ डु प्लेसिस के अलावा कोई और बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने की स्थिति में दिखता नहीं है. अनुभवी जेपी जेपी डूमिनी और डेविड मिलर शुरुआत तो अच्छी करते हैं, लेकिन उसे अंजाम तक नहीं पहुंचा पाते. हाशिम अमला खराब फॉर्म से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. डुसेन ने इंग्लैंड के खिलाफ अर्धशतक जमाया था तो मार्कराम ने बांग्लादेश के खिलाफ अच्छी पारी खेली थी.

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