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वीरेंद्र सहवाग ने किया खुलासा, बोले- रामायण का ये किरदार था उनकी बल्लेबाजी की प्रेरणा

दिग्गज सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने इस बात का खुलासा किया है कि रामायण का एक किरदार उनकी बल्लेबाजी की प्रेरणा था।

नई दिल्ली, भारत में 21 दिनों का लॉकडाउन कोरोना वायरस के खिलाफ जंग जीतने के लिए किया गया था। इसी बीच लोगों को घरों में रहने के लिए कहा गया था, क्योंकि इस वायरस के संक्रमण से बचने के लिए सोशल डिस्टेंशिंग जरूरी है। घर में बने रहने के लिए लोगों ने रामायण की अपील की थी, जिसे अब डीडी नेशनल पर प्रसारित किया जा रहा है। इसी दौरान भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने इस बात का खुलासा किया है कि रामायण का एक किरदार उनकी बल्लेबाजी की प्रेरणा था।

वीरेंद्र सहवाग ने कहा है कि उनकी बल्लेबाजी की प्रेरणा के पीछे वास्तव में रामायण के किरदार अंगद हैं। वीरेंद्र सहवाग ने रविवार की रात अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर दो तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें अंगद के पैर को कोई हिला भी नहीं पा रहा है। रविवार की रात ही दूरदर्शन पर रामायण का ये एपिसोड प्रसारित किया गया था जिसमें बाली के बेटे अगंद ने अपना पैर रावण की सभा में जमा दिया था, जिसे वीर पराक्रमी राक्षस हिला भी नहीं सके थे।

वीरेंद्र सहवाग ने अंगद के पैर जमाने की दो तस्वीरों को शेयर किया है, जिसके कैप्शन में लिखा है, “जहां से मैंने अपनी बल्लेबाजी की प्रेरणा ली। पैर हिलाना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है। अंगद जी रॉक्स” ये सीन उस समय का है जब भगवान श्रीराम युद्ध संधि के लिए अपने शांति दूत के रूप में अंगद को लंका भेजते हैं, लेकिन रावण संधि करने से मना कर देता है तो अंगद रावण की पूरी सभा को चुनौती देते हैं जो कोई भी राक्षस मेरे पैर को हिला देगा तो श्रीराम की हार मान ली जाएगी।

हालांकि, अंगद का पैर कोई हिला नहीं सका था और जब रावण खुद पैर हिलाने के लिए आया तो अंगद ने अपना पैर हटा लिया था और कहा था कि पैर पकड़ने हैं तो प्रभु श्रीराम के पकड़ो जो तुम्हें क्षमा कर देंगे। ऐसा ही कुछ क्रिकेट की दुनिया में वीरेंद्र सहवाग ने किया है। वीरेंद्र सहवाग जब भी क्रीज पर डट जाते थे तो चौके-छक्कों की बारिश करते हुए बड़ी-बड़ी पारी खेलते थे। वीरेंद्र सहवाग भारत के इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक जड़े हैं।

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