अमित शाह की आज पूर्णिया में हाई लेवल मीटिंग:4 जिलों के DM-SP के साथ समीक्षा करेंगे, सीमांचल में घुसपैठ पर रोक लगाने का प्लान होगा तैयार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीमांचल दौरे के तीसरे और आखिरी दिन आज पूर्णिया में हाई लेवल मीटिंग करेंगे। भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों के अधिकारियों के साथ ये बैठक होगी। इसमें बॉर्डर से सटे सीमांचल में घुसपैठ पर रोक लगाने और सीमावर्ती जिलों की सीमा सुरक्षा की समीक्षा होगी।

मीटिंग शहर के जीरो माईल स्थित पांच सितारा होटल मेफेयर में होगी। जिसमें सीमांचल में आने वाले जिले पूर्णिया, अररिया, कटिहार और किशनगंज के अलावा दूसरे जिलों के डीएम और एसपी भी शामिल होंगे।

इनके साथ ही अन्य अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहेंगे। बैठक में घुसपैठ के ताजा हालात , समाधान और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे का प्लान तय किया जा सकता है।

मीटिंग में टॉप लेवल के 30‎ अधिकारी शामिल होंगे‎

हाईलेवल मीटिंग में टॉप लेवल के 30 ‎अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में नेपाल ‎के रास्ते घुसपैठ रोकने पर विशेष‎ फोकस रहेगा। दरअसल नेपाल के ‎सीमावर्ती इलाकों के रास्ते अवैध‎ घुसपैठ, तस्करी (मवेशी, शराब, मादक ‎पदार्थ) फर्जी दस्तावेज नेटवर्क जैसे मुद्दे ‎लगातार चुनौती बने रहते हैं।

कई लोग‎ अवैध घुसपैठ कर यहां गलत तरीके से ‎फर्जी दस्तावेज बनाकर रह रहे हैं।‎ जिससे इस इलाके की डेमोग्राफी काफी बदल गई है। जिससे ‎देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को‎ लेकर खतरा बना हुआ है। बैठक में ‎इंडिया-नेपाल बॉर्डर के रास्ते बिहार में ‎होने वाले घुसपैठ पर चर्चा हो सकती है।‎

चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती

शाह के दौरे को लेकर होटल एरिया से लेकर शहरी इलाके में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। हर 100 मीटर पर पुलिस बल और सीनियर ऑफिसर्स की तैनाती की गई है।

पार्किंग, भीड़ प्रबंधन और रूट लाइनिंग को लेकर विशेष इंतजाम हैं। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। स्वास्थ्य विभाग के कर्मी भी इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए तैयार हैं। एंबुलेंस, मेडिकल टीम और ट्रॉमा सपोर्ट जैसे इंतजाम पूरी तरह से दुरुस्त हैं। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए बहुस्तरीय सुरक्षा निगरानी है।

बैठक में करीब 700 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा के प्रबंधन, निगरानी और खुफिया समन्वय पर अधिकारियों के साथ चर्चा होगी।

सीमांचल का इलाका नेपाल और बांग्लादेश सीमा से सटा है और चिकन नेक कॉरिडोर के पास स्थित है। घुसपैठ और सीमावर्ती सुरक्षा को लेकर ये इलाका संवेदनशील है। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री की आज की ये बैठक कई अहम फैसलों का संकेत माना जा रहा है। बैठक के बाद आज शाम वे दिल्ली लौटेंगे।

होटल के सारे कमरों की बुकिंग फुल

इससे पहले गुरुवार देर शाम वे पांच सितारा होटल मेफेयर पहुंचे। यहां उन्होंने रात्रि विश्राम किया। 26 और 27 फरवरी को होटल मेफेयर के सारे कमरों की बुकिंग फुल है।

बता दें कि इससे पहले अररिया में अमित शाह ने SSB जवानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “बिहार सरकार के गृहमंत्रालय, डीएम, एसपी और कई संगठनों के साथ 3 दिन में मीटिंग कर के हम एक कार्ययोजना बना रहे हैं।

सीमा के 10 किलोमीटर के अंदर सभी अतिक्रमण हटाए जाएंगे

सीमा से घुसपैठिए सिर्फ चुनाव को प्रभावित नहीं करते हैं, वे गरीबों के राशन में भी हिस्सेदारी ले जाते हैं, रोगार में युवाओं की संभावनाओं को क्षीण करते हैं और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए भी बहुत बड़ा चुनौती हैं।

सीमा के 10 किलोमीटर के अंदर जितने अवैध अतिक्रमण हैं, उन सभी अतिक्रमणों को ध्वस्त किया जाएगा।

सीमांचल से घुसपैठियों को बाहर करने का मिशन शुरू होने वाला है। घुसपैठियों की वजह से सीमांचल की डेमोग्राफी बदली है। सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ अवैध स्मगलिंग, नार्कोटिक्स और कई गतिविधियां हैं जिनपर नजर रखनी होगी।

इसकी SOP बनाई जानी चाहिए, ताकि नीचे से ही जवान अलर्ट रहे। खुली सीमा की सुरक्षा बड़ी चुनौती है। SSB जवानों के लिए सरकार सुविधाएं बढ़ा रही है। आप सीमा की सुरक्षा में लगे हैं आपका परिवार हमारी जिम्मेदारी है।

नेपाल बॉर्डर की सुरक्षा का जिम्मा SSB के पास

भारत की जमीनी सीमाएं 7 देशों चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, म्यांमार और अफगानिस्तान से लगती है। जबकि, समुद्री सीमाएं श्रीलंका, मालदीव और इंडोनेशिया के साथ लगती हैं।

नेपाल और भूटान बॉर्डर की सुरक्षा SSB, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश बॉर्डर की सुरक्षा BSF, चीन बॉर्डर की सुरक्षा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और म्यांमार बॉर्डर की सुरक्षा असम राइफल्स के जिम्मे है।

बिहार से सीधा नेपाल का बॉर्डर लगता है। जबकि, बांग्लादेश बॉर्डर की दूरी बिहार के किशनगंज से करीब 20 किमी है। भारत से नेपाल का 1751 किलोमीटर लंबा बॉर्डर लगता है। इसमें से सबसे अधिक 729 किमी बिहार से सटा है।

3 तरीकों से नेपाल से बिहार में एंट्री आसान

भारत और नेपाल के बीच ओपन बॉर्डर है। इससे लोगों को आने-जाने में आसानी होती है। नेपाल से बिहार के रास्ते भारत में एंट्री काफी आसान है। यह तीन तरीके से होती है।

पहला: नेपाल के काठमांडू में ट्रैवल एजेंट भारत में एंट्री कराते हैं। ये फर्जी तरीके से नेपाली नागरिकता और भारतीय पहचान पत्र तक तैयार करते हैं।

काठमांडू में सीमा हैदर ने भारत का फर्जी आधार कार्ड बनवाया था।

दूसरा: नेपाल सीमा की पगडंडी के रास्ते अधिकतर घुसपैठ होती है। ये पगडंडियां नेपाल और भारत के बॉर्डर पर बसे गांवों में होती हैं। घुसपैठ करने वाले गांव के लोगों को लालच देकर एंट्री कर लेते हैं।

तीसरा: नेपाली और भारतीय शक्ल के दिखने वाले विदेशी खुद से बॉर्डर क्रॉस कर जाते हैं। अक्सर संदेह होने या खुफिया जानकारी पर ही बॉर्डर पर जांच होती है।

नेपाल बॉर्डर पर सख्ती क्यों जरूरी है?

दरअसल, खुफिया एजेंसियां भारत-नेपाल बॉर्डर को अब पाकिस्तान सीमा जितना ही संवेदनशील मान रही हैं, क्योंकि नेपाल में टूरिस्ट वीजा पर रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की संख्या 3,000 से अधिक है।

खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल में मौजूद कई पाकिस्तानी नागरिक भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। बड़ी संख्या में पाकिस्तानी आतंकी डंकी रूट के सहारे पहले अवैध रूप से नेपाल में घुसते हैं। फिर बिहार के रास्ते भारत में घुसने की कोशिश रहती है। जानकारी के मुताबिक, कई पाकिस्तानी नागरिकों ने तो नेपाली महिलाओं से शादी कर ली और वहीं बस गए।

3 तरीकों से नेपाल से बिहार में एंट्री आसान

भारत और नेपाल के बीच ओपन बॉर्डर है। इससे लोगों को आने-जाने में आसानी होती है। नेपाल से बिहार के रास्ते भारत में एंट्री काफी आसान है। यह तीन तरीके से होती है।

पहला: नेपाल के काठमांडू में ट्रैवल एजेंट भारत में एंट्री कराते हैं। ये फर्जी तरीके से नेपाली नागरिकता और भारतीय पहचान पत्र तक तैयार करते हैं।

काठमांडू में सीमा हैदर ने भारत का फर्जी आधार कार्ड बनवाया था।

दूसरा: नेपाल सीमा की पगडंडी के रास्ते अधिकतर घुसपैठ होती है। ये पगडंडियां नेपाल और भारत के बॉर्डर पर बसे गांवों में होती हैं। घुसपैठ करने वाले गांव के लोगों को लालच देकर एंट्री कर लेते हैं।

तीसरा: नेपाली और भारतीय शक्ल के दिखने वाले विदेशी खुद से बॉर्डर क्रॉस कर जाते हैं। अक्सर संदेह होने या खुफिया जानकारी पर ही बॉर्डर पर जांच होती है।

नेपाल बॉर्डर पर सख्ती क्यों जरूरी है?

दरअसल, खुफिया एजेंसियां भारत-नेपाल बॉर्डर को अब पाकिस्तान सीमा जितना ही संवेदनशील मान रही हैं, क्योंकि नेपाल में टूरिस्ट वीजा पर रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की संख्या 3,000 से अधिक है।

खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल में मौजूद कई पाकिस्तानी नागरिक भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। बड़ी संख्या में पाकिस्तानी आतंकी डंकी रूट के सहारे पहले अवैध रूप से नेपाल में घुसते हैं। फिर बिहार के रास्ते भारत में घुसने की कोशिश रहती है। जानकारी के मुताबिक, कई पाकिस्तानी नागरिकों ने तो नेपाली महिलाओं से शादी कर ली और वहीं बस गए।

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