इंडिगो संकट को लेकर अब DGCA (नागरिक उड्डयन नियामक) भी केंद्र सरकार की जांच के रडार पर है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने एक इंटरव्यू में कहा कि इंडिगो की गड़बड़ी पर सिर्फ एयरलाइन ही नहीं, बल्कि DGCA के कामकाज की भी जांच होगी। मंत्री ने यात्रियों को हुई परेशानी के लिए माफी मांगी और कहा कि जिम्मेदार लोगों पर कड़ी और उचित कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि इंडिगो का यह बड़ा फेलियर सामान्य गलती नहीं लगता, बल्कि इसमें जानबूझकर हुई लापरवाही के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार यह जांच कर रही है कि आखिर ऐसा संकट उसी समय क्यों आया और ऑपरेशंस होने के बावजूद हालात कैसे बिगड़े।
CEO को हटाने के सवाल पर नायडू ने कहा कि जरूरत पड़ी तो जरूर हटाया जाएगा। जो भी कानूनी कार्रवाई बनती है, वह जरूर होगी। नायडू ने ये भी बताया कि मैं पिछले 7 दिनों से लगातार मीटिंग कर रहा हूं और मुश्किल से सो पाया हूं, क्योंकि फोकस सिर्फ यात्रियों की परेशानी दूर करने पर है।
इंडिगो ने 403 विमान बताकर 6% ज्यादा उड़ानें लीं
DGCA ने बताया कि इंडिगो की ऑपरेटिंग क्षमता और उसके वास्तविक विमान इस्तेमाल में बड़ा अंतर है। यानी कंपनी जितने विमान उड़ाने की क्षमता दिखा रही है, उतने विमान वह उड़ा नहीं पा रही है।
DGCA के मुताबिक इंडिगो ने 403 विमान बताकर 6% ज्यादा विंटर शेड्यूल ले लिया, लेकिन अक्टूबर में उसके 339 और नवंबर में 344 विमान ही उड़ान भर सके। नवंबर में शेड्यूल 64,346 में से 59,438 विमान ही उड़ान भर पाए, यानी 4,900 कम।
उन्होंने बताया कि सर्दियों में दबाव पहले से होता है, फिर भी कंपनी ने 26 अक्टूबर से शुरू हुए विंटर शेड्यूल में पिछले साल से 9.66% ज्यादा उड़ानें लीं, जबकि वह इतनी क्षमता साबित नहीं कर सकी। इससे सिस्टम पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया।
सरकार ने इंडिगो की उड़ानें 10% घटाईं
इसी बीच, सरकार ने इंडिगो पर एक्शन लेते हुए उसकी 10% फ्लाइट्स घटाने का आदेश दिया है। यह कटौती हाई-डिमांड और हाई-फ्रीक्वेंसी वाले रूट्स पर होगी। इससे रोजाना चलने वाली 2300 में से करीब 230 फ्लाइट्स कम हो जाएंगी।
DGCA ने इंडिगो को बुधवार शाम 5 बजे तक नया शेड्यूल जमा करने का निर्देश दिया है। मंगलवार को कंपनी की 422 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं। पिछले 8 दिनों में देशभर में करीब 5,000 फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी हैं। इस मामले में आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई भी होगी।
ALPA इंडिया पार्लियामेंट्री कमेटी के सामने पायलट थकान और FDTL मुद्दों को रखेगा
एयर लाइन पायलट एसोसिएशन (ALPA इंडिया) को ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म और कल्चर से जुड़ी पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ने पायलट की थकान, FDTL नियमों की कमी और बढ़ते सेफ्टी रिस्क पर अपनी बात रखने के लिए बुलाया है। एसोसिएशन कहती है कि कई एयरलाइंस नए FDTL नियम ठीक से लागू नहीं कर रही हैं, जिससे पायलट थकान बढ़ रही है और सेफ्टी पर असर पड़ सकता है।
ALPA इंडिया बड़े एयरपोर्ट्स पर हाल में बढ़े GPS स्पूफिंग के मामलों की जानकारी भी सांसदों को देगा। कमेटी ने पायलटों के ड्यूटी-टाइम उल्लंघन और ऑपरेशनल स्ट्रेस से जुड़े मुद्दों पर उनकी राय आधिकारिक तौर पर मांगी है।
कैप्टन रंधावा बोले- पायलट्स पर काम का दबाव
- फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा ने बताया कि इंडिगो के पास 360 एयरबस A320 विमान हैं। इनमें 80 विमान इंजन रिपेयर के कारण ग्राउंडेड थे। 320 विमान भी मान लें तो हर विमान पर कम से कम 7 कैप्टन और 7 फर्स्ट ऑफिसर चाहिए। यानी कुल 4480 पायलट चाहिए थे, जबकि एयरलाइन इस संख्या तक नहीं पहुंच पाई है।
- इसके अलावा कुछ तकनीकी दिक्कतें भी हैं। इंडिगो ने 65 कैप्टन की कमी बताई लेकिन 2 से 8 दिसंबर के बीच हालात उलटे थे। पायलट एयरपोर्ट पर आते रहे, पर फ्लाइट डिस्पैच ही नहीं हुआ। विमान ही नहीं थे।
- लाइन कैप्टन आम तौर पर 70 घंटे प्रति माह उड़ान भरते हैं, यानी लगभग 770 घंटे प्रतिवर्ष। अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से एक पायलट साल में 1000 घंटे तक उड़ान भर सकता है और सामान्यतः 800-850 घंटे उड़ान होती है। इंडिगो में दबाव काफी ज्यादा है। खासकर जब शेड्यूल तंग और क्रू कम हो।
- पायलट फॉर्म भरते हैं, रिपोर्ट करते हैं लेकिन इस पर कोई वास्तविक रेगुलेटरी निगरानी नहीं है। अब संकट ने इस विषय को फिर से उठाया है लेकिन सिस्टम में अभी भी ठोस सुधार नहीं।
- डीजीसीए को 6% शेड्यूल कटौती तो वही करनी चाहिए थी जो इंडिगो की पिछले विंटर सेशन की तुलना में ज्यादा थी और इसके बाद हालात सामान्य करने के लिए 10-15% अतिरिक्त कटौती करके दूसरी एयरलाइंस को आवंटन करना चाहिए था। अभी भी दूसरी एयरलाइंस की क्षमता का डीजीसीए उपयोग कर सकता है जो उनका अधिकार है।
10 बड़े एयरपोर्ट पर IAS भेजे गए
केंद्र ने मौजूदा हालात की जांच के लिए 10 बड़े एयरपोर्ट पर सीनियर अफसरों को तैनात किया है। ये लोग पता लगाएंगे कि यात्रियों को कौन-कौन सी परेशानी आ रही है।
ये अफसर डिप्टी सेक्रेटरी, डायरेक्टर और जॉइंट सेक्रेटरी लेवल के हैं। 10 बड़े एयरपोर्ट में मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे, गुवाहाटी, गोवा और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं।
15 दिन में आएगी जांच रिपोर्ट
सिविल एविएशन सेक्रेटरी समीर कुमार सिन्हा ने दिल्ली एयरपोर्ट पर ANI से कहा कि सरकार इंडिगो के ऑपरेशनल संकट और फ्लाइट कैंसिलेशन पर जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट मिलने पर कारणों की समीक्षा कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि विस्तृत जांच अगले 15 दिनों में पूरी हो जाएगी।
इंडिगो ने DGCA को जवाब में कहा- असल वजह पता नहीं
इंडिगो ने DGCA को बताया कि फिलहाल ऑपरेशनल दिक्कतों के सही कारण पता लगाना संभव नहीं है। DGCA के मैनुअल में SCN का जवाब देने के लिए 15 दिन मिलते हैं, इसलिए पूरा रूट कॉज एनालिसिस (RCA) करने के लिए और समय चाहिए।
एयरलाइन के अनुसार समस्या दिसंबर की शुरुआत में शुरू हुई, जब ऑन-टाइम परफॉर्मेंस और क्रू उपलब्धता प्रभावित हुई। इसे ठीक करने के लिए 5 दिसंबर को सिस्टम रीबूट किया गया।
कंपनी ने कहा कि नेटवर्क 100% बहाल हो गया है और 91% फ्लाइट्स ऑन-टाइम हैं, जो रविवार से 75% ज्यादा है। एयरलाइन ने बताया कि वह अब तक 827 करोड़ रुपए रिफंड कर चुकी है और बाकी रिफंड 15 दिसंबर 2025 तक प्रोसेस होगा।