लखनऊ में उत्तरायणी कौथिग मेले का आयोजन किया जा रहा है। गोमती तट स्थित पं. गोविंद बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में बुधवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर धामी ने कहा-लखनऊ की धरती से चुनौतियां से लड़ना-संघर्ष करना सीखा है।
इससे पहले दोपहर 2 बजे से महानगर स्थित रामलीला मैदान से शोभायात्रा निकाली गई। पर्वतीय महापरिषद का रजत जयंती वर्ष होने की वजह से इस बार 15 दिन का आयोजन होगा। इसमें 28 जनवरी तक उत्तराखंड की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित किया गया है।
मेयर ने पूछा- लखनऊ की गलियां याद हैं
लखनऊ मेयर सुषमा खर्कवाल ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी से पूछा-आप को लखनऊ की गलियां याद हैं। इसके जवाब में धामी ने कहा- लखनऊ और यूनिवर्सिटी की गलियां कहां भूला हूं। मेयर ने बताया कि किस तरह धामी ने एलयू छात्रनेता रहते हुए उत्तराखंड आंदोलन में भाग लिया। मेला समिति की ओर से मेयर को पर्वत गौरव सम्मान दिया गया।
पर्वतीय महापरिषद उत्तर प्रदेश कर रही आयोजन
आयोजन स्थल को उत्तराखंड की पहाड़ी संस्कृति के अनुरूप सजाया गया है, यहां लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक खान-पान और हस्तशिल्प प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र हैं। आयोजकों का कहना है कि यह मेला सिर्फ सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि उत्तराखंड से जुड़े लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम है। रजत जयंती वर्ष में आयोजन को और भव्य व यादगार बनाने की तैयारी की गई है।
15 दिनों तक चलेगा सांस्कृतिक और सामाजिक उत्सव
महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां और सामाजिक संवाद के आयोजन होंगे। उत्तरायणी कौथिग मेला पर्वतीय समाज की एकता, संस्कृति और परंपराओं का जीवंत मंच बनकर उभरेगा।