सिखों के दसवें गुरु, श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज का 359वां प्रकाश पर्व 30 दिसंबर को कटिहार शहर के महेश्वरी एकेडमी के पास स्थित गुरुद्वारा साहिब में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस पावन अवसर को लेकर गुरुद्वारा परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
रोशनी, धार्मिक ध्वज और फूलों से सजा गुरुद्वारा पूरे इलाके को आध्यात्मिक वातावरण से भर रहा है। प्रकाश पर्व को लेकर सिख समाज के साथ-साथ अन्य समुदायों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है।
प्रभात फेरी से बना आध्यात्मिक माहौल
प्रकाश पर्व की तैयारियों के तहत 23 दिसंबर से 29 दिसंबर तक प्रतिदिन प्रभात फेरी निकाली जा रही है। इन प्रभात फेरियों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। गुरुबाणी के शबदों और कीर्तन के साथ निकलने वाली प्रभात फेरी ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि प्रभात फेरी का उद्देश्य गुरु गोविंद सिंह महाराज के आदर्शों, साहस और बलिदान की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है।
भव्य कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी
आयोजन समिति के हरमिंदर सिंह, राजू सरदार, टोनी सिंह, अमरजीत सिंह, स्वर्ण सिंह, चुन्ना सिंह और सिमरनजीत कौर ने जानकारी दी कि 30 दिसंबर को प्रकाश पर्व के दिन गुरुद्वारा साहिब में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुबह से ही शबद कीर्तन का आयोजन होगा, जिसमें आमंत्रित कीर्तन मंडली द्वारा गुरुवाणी का मधुर गायन किया जाएगा। श्रद्धालु गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेककर आशीर्वाद लेंगे।
गुरु का अटूट लंगर, सेवा की मिसाल
प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरुद्वारा साहिब में गुरु का अटूट लंगर चलाया जाएगा। लंगर सेवा की खास बात यह है कि इसमें जाति, धर्म और वर्ग का कोई भेद नहीं होता। आयोजन समिति के अनुसार, हजारों श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है। स्वयंसेवक सेवा भाव से लंगर तैयार करने और परोसने में जुटे रहेंगे। यह लंगर गुरु गोविंद सिंह महाराज के समानता और मानवता के संदेश को साकार करता है।
गुरु गोविंद सिंह जी का प्रेरणादायी जीवन
श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज का जीवन साहस, त्याग और धर्म की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना कर समाज को अन्याय और अत्याचार के खिलाफ खड़े होने की शक्ति दी। उनका जीवन आज भी युवाओं और समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरुद्वारा साहिब में उनके जीवन और शिक्षाओं पर विशेष चर्चा भी की जाएगी।
रात में आतिशबाजी से होगा समापन
दिनभर के धार्मिक कार्यक्रमों के बाद रात में आतिशबाजी के साथ प्रकाश पर्व का समापन किया जाएगा। गुरुद्वारा परिसर और आसपास का क्षेत्र रोशनी से जगमगा उठेगा। श्रद्धालु एक-दूसरे को बधाई देकर इस ऐतिहासिक और पावन दिन को यादगार बनाएंगे।
जिलेवासियों से की गई विशेष अपील
आयोजकों ने कटिहार जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर प्रकाश पर्व में शामिल हों। उन्होंने कहा कि यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि गुरु गोविंद सिंह महाराज के जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर भी है। आयोजन समिति ने शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में कार्यक्रम संपन्न कराने के लिए सभी से सहयोग की अपील की है।