कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंगलवार सुबह सोनीपत के गोहाना में एक किसान की बेटी की शादी में शामिल होने पहुंचे हैं। ये वही किसान संजय हैं, जिनके खेत में राहुल ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान ट्रैक्टर चलाया था। साथ ही धान रोपाई की थी।
सुबह करीब पौने 11 बजे जैसे ही राहुल अपनी कार से उतरे उनके हाथ से मोबाइल गिर गया। तब राहुल ने झुककर उसे उठाया। रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा समेत कई नेता और मेजबान घराती बुके लेकर स्वागत के लिए खड़े थे।
राहुल का हरियाणवी पगड़ी पहना कर स्वागत किया गया। जब राहुल शादी वाले घर में जाने लगे तो दरवाजे पर खड़े युवकों ने जोर से कहा-राहुल भाई राम-राम। राहुल हाथ जोड़कर मुस्कराये और आगे बढ़ गए।
आधा घंटा रुके राहुल, दूध के साथ चूरमा खाया
किसान संजय की बेटी तनु की शादी में पहुंचे राहुल करीब आधा घंटा रुके। तनु की बुआ की बेटी कीर्ति जाखड़ ने दैनिक भास्कर एप से बातचीत में बताया कि राहुल ने हमारे साथ शादी के कल्चर को लेकर बातें कीं। राहुल ने पूछा यहां शादी में क्या-क्या रस्में होती हैं। कीर्ति ने बताया कि राहुल ने चूरमा खाया और एक गिलास दूध पीया। यह चूरमा संजय की पत्नी सुनीता देवी ने बनाया था।
उम्मीद नहीं थी राहुल आएंगे
किसान संजय की भांजी कीर्ति जाखड़ बोलीं-हमें उम्मीद नहीं थी कि राहुल गांधी आएंगे। अचानक उनके आने का कार्यक्रम पता चला। उस वक्त हम शगुन के गीत गा रहीं थी। सारे मेहमान राहुल को देखकर खुश हो गए। राहुल का पूरा मान-सम्मान किया और हरियाणवी सम्मान का प्रतीक पगड़ी पहनाई। राहुल ने काफी देर सिर पर पगड़ी रखी।
राहुल घरातियों के बीच बैठे, गीत भी सुने
शादी वाले घर में राहुल जमीन पर बिछे गद्दों पर घरातियों के बीच बैठे। इस दौरान बगल में बैठी महिलाएं शादी के मंगल गीत गाती रहीं और राहुल बीच-बीच में गीतों व रस्मों के बारे में पूछते रहे। इसी बीच उन्हें दूध व चूरमा परोसा गया।
अब पढ़िए…गांव के कैसे हुआ राहुल का संपर्क
- 8 जुलाई 2023 को मदीना में धान रोपी: राहुल गांधी 8 जुलाई 2023 को अचानक सुबह मदीना गांव पहुंच गए थे। तब उन्होंने किसान संजय के खेत में करीब 15 मिनट तक ट्रैक्टर चलाया और धान की रोपाई की थी। यहीं राहुल ने किसानों व मजदूरों के साथ बैठकर खाना खाया था।
- दिल्ली से हिमाचल जाते वक्त रुके थे: उस दिन दिल्ली से हिमाचल प्रदेश जाते वक्त सुबह लगभग 6:15 बजे मदीना में रुक गए थे। उन्होंने गांव भैंसवान खुर्द और मदीना के बीच में अचानक अपना काफिला रुकवाया और खेत में पहुंच गए।वहां किसान संजय खेत में धान की रोपाई की तैयारी कर रहे थे। राहुल गांधी ने उनसे आग्रह करके ट्रैक्टर का स्टेयरिंग संभाला। इसके बाद किसानों और कामगारों के साथ मिलकर के धान की रोपाई की। इस दौरान किसानों और कामगारों से उनकी समस्याएं भी जानी।
- उसी के बाद संजय से संपर्क रहा: किसान संजय ने बताया कि वो राहुल गांधी से पहली मुलाकात थी। उन्हें लगता था कि नेता हैं भूल गए होंगे। 10 मार्च को सुबह ही पता चला कि राहुल उनकी बेटी को आशीर्वाद देने आ रहे हैं। तुरत-फुरत में तैयारी की गई।