हरियाणा के कुरुक्षेत्र में मंत्री राजेश नागर ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया। साथ ही बारदाने की रिकवरी के भी आदेश दिए।
गुरुवार को ग्रीवेंस कमेटी की बैठक हुई, इसमें एक शिकायतकर्ता ने इंस्पेक्टर के खिलाफ बारदाना बेचने की शिकायत की। मंत्री ने एक्शन लेते हुए डीएफएससी (डिस्ट्रिक्ट फूड एंड सप्लाई कंट्रोलर) तुरंत कार्रवाई करने के आदेश दिए।
शिकायतकर्ता का कहना है कि रविंद्र ने विभाग का करीब 12 लाख रुपए का बारदाना बेचा है। वहीं एक डिपो होल्डर का फर्जी लाइसेंस भी बनवाया है।
3 पाइंट में पढ़िए बैठक में क्या हुआ…
- बैठक के एजेंडे में 16 शिकायतें मिलीं: कुरुक्षेत्र के नए लघु सचिवालय में गुरुवार को ग्रीवेंस कमेटी की बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के मंत्री राजेश नागर ने की। बैठक के एजेंडे में कुल 16 शिकायतें रखी जाएगी, जिसमें 7 शिकायतें पुरानी थी।
- इंस्पेक्टर ने सारा बारदाना बेचा: बैठक में लाडवा के डिपो होल्डर सोनू नारंग ने मंत्री को इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार के खिलाफ शिकायत दी। उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर पर लाडवा में बारदाने का चार्ज है, जबकि करीब 1 साल पहले यहां से उसका ट्रांसफर हो चुका है। इसके बाद भी रविंद्र ने किसी और को इसका चार्ज नहीं दिया। इंस्पेक्टर ने सारा बारदाना भी बेच दिया।
- बारदाने की रिकवरी के आदेश: राज्यमंत्री राजेश नागर ने तुरंत एक्शन लेते हुए डीएफएससी नरेश कुमार को इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर से बारदाने की रिकवरी भी की जाए। इस मामले में पहले विभाग के इंस्पेक्टर नवीन कुमार को भी राशन डिपो की सप्लाई दूर-दूर जोड़ने और गलत रिपोर्ट लगाने पर सस्पेंड कर दिया गया था। इसकी जांच SDM अभिनव मेहता को सौंपने और इंस्पेक्टर रविंद्र समेत 3 के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
अब पढ़िए मंत्री-DFSC की बातचीत
मंत्री- सस्पेंड करो। इसकी FIR भी करो। ये इसलिए पेंडिंग थी, इसकी पहले जो भी जांच चल रही है। तुमने ओपिनियन भी नहीं दिया अभी तक। DFSC- सर अभी तक ASFO लेटर नहीं मिला
मंत्री- कब तक ले लोगें ओपिनियन DFSC- वन वीक में सर। (यानी एक सप्ताह )
मंत्री- ओपिनियन लेकर कारवाई करो। उसको भी सस्पेंड करो, रविंद्र को। उसकी जांच करो, सही है तो रिकवरी भी करवाओ। उसका भी साथ में लीगल ओपिनियन ले लो। DFSC- जी सर।
डिपो सप्लाई से जुड़ा था मामला
डिपो होल्डर सोनू नारंग निवासी महावीर कॉलोनी लाडवा ने बताया कि राज्यमंत्री की ओर से जुलाई और अक्टूबर में लेटर जारी आदेश दिए थे कि जिस डिपो की सप्लाई बंद है या सस्पेंड है उसे आस-पास की डिपो के साथ जोड़ा दिया। इस आदेश के बावजूद इंस्पेक्टर नवीन कुमार ने डिपो की सप्लाई दूर-दूर जोड़ दी। इसके बाद विभाग की एक मीटिंग दिसंबर 2025 में हुई। इसमें मंत्री राजेश नागर इंस्पेक्टर नवीन कुमार को सस्पेंड कर दिया था। इस मामले में इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर समेत 3 पर केस दर्ज करने के भी निर्देश जारी किए थे।
इंस्पेक्टर रविंद्र पर कार्रवाई क्यों हुई
इंस्पेक्टर रविंद्र 2020 से 2024 तक लाडवा में तैनात था। उसके पास बारदाने का चार्ज था। करीब 1 साल पहले उसका ट्रांसफर करनाल के निगदू में हो गया। आरोप है कि रविंद्र ने विभाग का सारा बारदाना (लकड़ी क्रेट, जिस पर बोरियों को रखा जाता है) बेच दिया। यहां से करीब उसने 1200 क्रेट बेच दी। जिसकी कीमत 10 से 12 लाख रुपए है। इसके अलावा उसने लाडवा के वार्ड-1 के डिपो होल्डर अंशुल गर्ग का फर्जी लाइसेंस भी बनवाया।