देवास वन मंडल के खिवनी अभयारण्य में रविवार सुबह पर्यटकों को बाघ युवराज के दीदार हुए। घने जंगल से अचानक निकलकर युवराज सफारी ट्रैक पर आकर पर्यटकों की जिप्सी के आगे करीब साढ़े तीन किलोमीटर तक चलता रहा।
इस दौरान इंदौर और भोपाल से आए पर्यटक दूरी बनाए रखते हुए जिप्सी से लगभग 45 मिनट तक बाघ की गतिविधियों को देखते रहे। कुछ समय बाद बाघ एक नाले की ओर चला गया। इस दुर्लभ दृश्य को इंदौर के वन्यजीव फोटोग्राफर गौरव शर्मा ने कैमरे में कैद किया।
25 मिनट तक करता रहा मूवमेंट
रेंजर भीमसिंह सिसौदिया ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 5 बजे गश्त के दौरान भी युवराज को देखा गया था, जो 25 मिनट तक मूवमेंट करता रहा। अभयारण्य में बाघ युवराज और बाघिन मीरा अपने शावकों के साथ लगातार दिखाई दे रहे हैं, जिससे पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
खिवनी अभयारण्य में वर्तमान में 13 बाघ हैं। इनमें पांच बाघिन, तीन बाघ और दो शावक शामिल हैं। हाल ही में बाघिन मीरा ने तीन और शावकों को जन्म दिया है। यहां करीब 25 तेंदुए और भालू सहित अन्य कई वन्यप्राणी भी मौजूद हैं।
रेंजर भीमसिंह सिसोदिया ने बताया कि गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ ही वन्यजीवों का दिखना बढ़ गया है। पिछले साल तक करीब 10 बाघ और उनके शावक ट्रैप कैमरे में कैद हुए थे। बाघिन मीरा द्वारा तीन शावकों को जन्म देने के बाद अब खिवनी अभयारण्य में बाघों की कुल संख्या 13 हो गई है।
खिवनी अभयारण्य तक पहुंचने के दो मुख्य रास्ते हैं। पहला देवास से आष्टा और कुसमानिया होते हुए, दूसरा इंदौर से कन्नौद और कुसमानिया होते हुए।
अभयारण्य में पर्यटकों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2023 में 777 पर्यटक आए, 2024 में यह संख्या बढ़कर 2083 हो गई, और 2025 में 3723 पर्यटक पहुंचे। चालू वर्ष 2026 के जनवरी-फरवरी माह में ही 973 पर्यटक अभयारण्य का दौरा कर चुके हैं।