सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 19 मार्च को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत 13 हजार रुपए घटकर 2.37 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 2.50 लाख रुपए किलो थी।
वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 4 हजार रुपए गिरकर 1.52 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले 18 मार्च को सोना 1.56 लाख रुपए प्रति 10g था। अमेरिका-ईरान जंग के कारण सोना 5 कारोबारी दिन में 9 हजार और चांदी 31 हजार सस्ती हुई है।
सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.52लाख तक
सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है।
- शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹1.33 लाख
- ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹1.76 लाख (सिर्फ एक महीने में भारी उछाल)
- मौजूदा स्थिति: अपने उच्चतम स्तर से सोना अब तक ₹25 हजार सस्ता हो चुका है।
चांदी की कीमतों में भारी क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.37 लाख तक
चांदी में सोने के मुकाबले कहीं ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑल टाइम हाई से बहुत तेजी से नीचे आई है।
- शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹2.30 लाख
- ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹3.86 लाख (ऐतिहासिक बढ़त)
- गिरावट का आंकड़ा: पिछले 49 दिन में चांदी ₹1.49 लाख सस्ती हो गई है।
गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा
आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है:
कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ इकट्ठा कर रहे हैं ताकि अनिश्चितता के समय उनके पास लिक्विड मनी रहे।
प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, इसलिए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं।
ब्याज दरों का असर: अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाने से भी कीमती धातुओं की चमक थोड़ी फीकी हुई है।
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोना-चांदी के दाम में आगे भी ये गिरावट जारी रह सकती है। इसके चलते सोना 1.50 लाख और चांदी 2.50 लाख रुपए तक आ सकती है। ऐसे में निवेशकों को अभी सोने-चांदी में निवेश से बचना चाहिए।