नीतीश कैबिनेट ने महिला रोजगार योजना को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार अब महिलाओं को 2-2 लाख देने का प्रोसेस शुरू करने जा रही है।
बेहतर बिजनेस करने वाली महिलाओं को एकमुश्त दो लाख और 2 किश्त में ये राशि ट्रांसफर की जाएगी। इसके साथ ही 27 लाख स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप डबल कर दी गई है।
कैबिनेट से पुलिस में 17 हजार रिटायर जवानों की भर्ती को मंजूरी दी गई है। SAP जवानों का मानदेय भी बढ़ाया गया है।
गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 32 एजेंडों पर मुहर लगी है। इन एजेंडों में सबसे अहम और चर्चा का विषय बना बिहार सरकार के कर्मचारियों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल से जुड़ा फैसला।
सोशल मीडिया पर रील्स, वीडियो और पोस्ट बनाकर ‘स्टार’ बन रहे सरकारी कर्मचारियों पर सरकार सीधी कार्रवाई करेगी। सरकार ने साफ कहा है, सरकारी नौकरी का मतलब अनुशासन है, न कि रील्स और लाइक है।
रील्स और सोशल मीडिया के जरिए अब सरकारी कर्मचारी पैसे नहीं कमा सकेंगे, जिसमें वो अपने विभाग से जुड़े पोस्ट डालते हैं, रील्स बनाते हैं। उसपर पूरी तरह से बैन लग गया है।
अब जानिए कैबिनेट में किन-किन बड़े एजेंडों पर मुहर लगी…
2-2 लाख देने का प्रोसेस शुरू
कैबिनेट के बाद CM नीतीश ने X पर बताया, राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की थी।
इस योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है, ताकि हर परिवार की एक महिला उद्यमी बन सके।
योजना के पहले चरण में महिलाओं को 10-10 हजार रुपए की सहायता दी गई है। अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खातों में DBT के माध्यम से राशि भेजी जा चुकी है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बचे हुए आवेदकों को भी नियम के अनुसार जल्द ही उनके खाते में पैसा भेजा जाएगा।
2 किश्त में भेजे जाएंगे पैसे
CM ने आगे बताया, योजना के तहत रोजगार शुरू करने के 6 महीने बाद आंकलन किया जाएगा। इसके बाद जरूरत पड़ने पर महिलाओं को 2 लाख रुपए तक की अतिरिक्त सहायता राशि देने का प्रावधान है।
सरकार ने इसके लिए कार्रवाई भी शुरू कर दी है। यह राशि किस्तों में दी जाएगी, बशर्ते पहले दी गई राशि का सही उपयोग रोजगार में किया गया हो। अगर रोजगार अच्छा चल रहा होगा तो जरूरत के अनुसार एकमुश्त राशि भी दी जा सकती है।
सरकार ने विभाग को यह भी निर्देश दिया है कि योजना से जुड़ी महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की मार्केटिंग की व्यवस्था की जाए। साथ ही लाभार्थियों को पोशाक निर्माण, सुधा बिक्री केंद्र और दीदी की रसोई जैसे सरकारी कार्यों से जोड़ा जाएगा।
27 लाख छात्रों की स्कॉलरशिप डबल की
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025–26 से प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना की राशि बढ़ाने का फैसला किया है। अब कक्षा 1 से 4 तक के छात्रों को ₹1200 सालाना, कक्षा 5 से 6 तक ₹2400, कक्षा 7 से 10 तक ₹3600 और कक्षा 1 से 10 तक के छात्रावासी छात्रों को ₹6000 सालाना स्कॉलरशिप मिलेगी।
पहले यह राशि साल 2011 में तय की गई थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है। यह स्कॉलरशिप सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों को दी जाएगी। इस योजना से करीब 27 लाख छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। इस पर सरकार करीब 519.64 करोड़ रुपए खर्च करेगी।
छात्रावास योजना का अनुदान 1000 से 2000 किया
वित्तीय वर्ष 2025-26 से मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग छात्रावास योजना में हर छात्र/छात्रा को मिलने वाला अनुदान 1,000 रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 2,000 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। इससे सरकार का अनुमानित खर्च 19.56 करोड़ रुपए होगा।
मेधावृत्ति योजना में बदलाव
वित्तीय वर्ष 2026-27 से मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना में परिवार की अधिकतम वार्षिक आय सीमा 1.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर दी गई है। इससे योजना का अनुमानित सालाना खर्च 117.98 करोड़ रुपए होगा।
बिस्मिल्ला खां के नाम पर संगीत महाविद्यालय को मंजूरी
बक्सर के डुमरांव में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खां के नाम पर संगीत महाविद्यालय खोला जाएगा। पहले इस योजना के लिए 14.52 करोड़ रुपए की स्वीकृति थी, जिसे रद्द कर दिया गया है।
अब राज्य योजना के तहत कॉलेज के भवन, फर्नीचर, अंदर की सड़क और चहारदिवारी के निर्माण के लिए 87.81 करोड़ रुपये की नई प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। इसके शुरू होने से राज्य के विद्यार्थियों को संगीत की अलग-अलग विधाओं की पढ़ाई का अवसर मिलेगा।
पुलिस में 17 हजार पदों पर रिटायर जवानों की भर्ती होगी
बिहार पुलिस के तहत काम कर रही स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस (SAP) के जवानों को आदेश जारी होने की तारीख से बढ़ा हुआ मानदेय दिया जाएगा। साथ ही, अपराध नियंत्रण, उग्रवाद से निपटने और कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए सैप बल को और सशक्त किया जाएगा।
इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 17,000 पदों पर भारतीय सेना और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त जवानों को अनुबंध पर रखने की मंजूरी दी गई।
सरकारी नंबर-ईमेल आईडी से सोशल मीडिया अकाउंट बनाने पर रोक
सरकारी कर्मचारी अब सरकारी मोबाइल नंबर या ई-मेल आईडी से किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अकाउंट नहीं बना सकेंगे। किसी भी सोशल मीडिया पर भड़काऊ भाषण, पोस्ट या टिप्पणी करने पर भी रोक रहेगी।
फेसबुक, इंस्टाग्राम, वॉट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर सरकारी पहचान के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह नियमावली तैयार की गई है, क्योंकि इससे पहले सरकारी कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया के दुरुपयोग के कई मामले सामने आए हैं।
नियमों के तहत सरकारी सेवकों को सोशल मीडिया पर संयम बरतना होगा और वे किसी भी सरकारी बैठक की रील या लाइव स्ट्रीम अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट से नहीं कर सकेंगे।
नए आदेश के मुताबिक, बिहार सरकार के कर्मचारियों पर पहले से लागू “बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976” में अब एक नया उपनियम (3) जोड़ा जाएगा। इसमें सरकारी कर्मचारियों के लिए यह स्पष्ट किया गया कि वे सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल एक लिमिट तक ही कर सकते हैं।
ऑफिस और बैठकों से जुड़े वीडियो-रील्स पूरी तरह बैन
किसी भी सरकारी कार्यालय से जुड़े वीडियो, रील्स, फोटो या फेसबुक लाइव पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है। सराकरी ऑफिस में होने वाली बैठकों को रिकॉर्ड करना या सोशल मीडिया पर डालना अब सीधा नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
सरकारी कर्मचारी किसी भी तरह के आंतरिक चैट, संवाद या बैठक की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा नहीं करेंगे। इसके अलावा कॉन्फिडेंशियल डॉक्यूमेंट्स, फाइल या जानकारी को पोस्ट करना पूरी तरह से बैन रहेगा।
राजनीतिक पहचान दिखाने पर भी रोक
सरकारी कर्मचारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर किसी भी राजनीतिक संगठन से जुड़े डीपी, प्रतीक या चिन्ह नहीं लगाएंगे। साथ ही अपने विभाग के किसी अधिकारी या कर्मचारी को लेकर कोई पोस्ट भी नहीं करेंगे।
जिन सरकारी कर्मचारियों को सरकार या विभाग की ओर से आधिकारिक रूप से सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की अनुमति दी गई है, केवल वही रूल्स के तहत अधिकृत पोस्ट कर सकेंगे।
सरकार ने चेतावनी दी है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल FIR का प्रावधान नहीं है, लेकिन अनुशासनात्मक कार्रवाई सख्त होगी।