कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- राज्य में सरकार कौन चला रहा है, यह पता नहीं चल रहा। सभी एक दूसरे का पत्ता काटने की बात कर रहे हैं। मुझे लग रहा है कि ब्यूरोक्रेसी ही मिलकर मुख्यमंत्री का पत्ता नहीं काट दे। मुझे लग रहा है जैसे पत्ते कट रहे, उनमें भरतपुर वालों का नंबर नहीं आ जाए।
पीएम नरेंद्र मोदी के गमछा डांस पर डोटासरा ने कहा-
पीएम मोदी मेरी कॉपी पेस्ट कर रहे हैं। मगर वो बात नहीं है, दम नहीं है। उनका हाथ हिल नहीं रहा और गमछा भी जवाब दे गया। यह सिर्फ डोटासरा का ही काम है।
उन्होंने गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- पुलिस पिट रही है। अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। गुंडे फिरौती ले रहे हैं। कुचामन और जयपुर में मर्डर हो रहे हैं। अपराधी खुलेआम धमकियां दे रहे हैं। कोई पूछने वाला नहीं है। यह खुद अपनी जान बचाकर घूम रहे हैं।
जवाहर सिंह बेढम एक सिपाही का भी ट्रांसफर नहीं कर सकते। एसपी के हाथ जोड़कर एक थाने से दूसरे थाने पर करवा सकते हैं। अगर कोई सीकर का हो और उसका भरतपुर ट्रांसफर करवा दें तो मुझे बता देना। डोटासरा रविवार को एक शादी में शामिल होने के लिए भरतपुर पहुंचे थे।
कहते कुछ हैं, करते कुछ हैं
डोटासरा ने कहा- ये (भाजपा) थूक के चाट रहे हैं या उनकी दोहरी नीति है। ‘मुंह में राम बगल में छुरी’ है। बीजेपी और RSS ऐसे लोग हैं, जो कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं। इनके जेहन में दूसरी बात होती है। यह लोग जनता से वादे करके बरगलाकर झूठे वादे कर सत्ता हथिया लेते हैं। बाद में भ्रष्टाचार करते हैं और जनता की सुध नहीं लेते हैं।
बीजेपी चुनाव करवाएगी या नहीं…
जिला परिषद और निकाय चुनावों को लेकर डोटासरा ने कहा- बीजेपी चुनाव कराएगी या नहीं, साढ़े छह साल नगर निकाय के चुनाव हुए हो गए। सभी पंचायतों के प्रशासक लग गए। भरतपुर में कांग्रेस के प्रधान को हटाकर बीजेपी ने बड़ा खेला किया है। डेढ़ साल से जिला प्रमुख का चुनाव नहीं करवा पा रहे हैं। गठन तो तब लागू होगा, जब यह चुनाव करवाएंगे। जिला परिषद का जो गठन हुआ है, यह जब लागू होगा, जब चुनाव होंगे।
यहां हो सकता है बीजेपी चुनाव न करवाए। गठन का क्या मतलब हुआ, इसके लिए हम लड़ाई लड़ रहे हैं। कोर्ट में भी हमारे लोग लड़ रहे हैं। रोजाना फैसले करवाकर लाते हैं। फिर बीजेपी कहती है भजन लाल जी की इज्जत का सवाल है। अगर जिला कलेक्टर को चार्ज दिलाकर एक जिला परिषद से इनकी इज्जत बच रही है। हालांकि अंता में सिद्ध कर दिया। 2 साल से बीजेपी कुछ नहीं कर रही।
जनता बीजेपी ऑफिस सुनवाई के लिए क्यों जाएगी?
डोटासरा ने बीजेपी ऑफिस में जनता दरबार के सवाल पर कहा कि 2 साल से बीजेपी कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हुई। वो खुद इसे स्वीकार कर रहे हैं। फिर आम जनता बीजेपी कार्यालय क्यों जाएगी? जब मंत्री हैं, प्रभारी मंत्री हैं, वह आएं और सर्किट हाउस में बैठें, पंचायत समिति में बैठें, जिला परिषद में बैठें, जिला कलेक्ट्रेट में बैठें। मीटिंग करके पूछें। जनता की सुनवाई करें। अधिकारी कलेक्टर और एसपी बड़े-बड़े नेताओं के लिए गेट नहीं खोलते तो आम जनता का क्या हाल हो रहा होगा।
हम मोदी की तरह उम्र की बाध्यता नहीं रखते
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने जिलाध्यक्ष पद पर नियुक्तियों को लेकर कहा- संगठन सृजन AICC हाईकमान ने किया है। जमीन पर आकर कांग्रेस के नेताओं ने कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया, जो सबसे उपयुक्त पाया गया, उसको लेकर कल (शनिवार) हाईकमान ने लिस्ट जारी की है।
जो जमीनी स्तर के नेता हैं और जो पार्टी हाईकमान को ठीक लगा। AICC का ऑब्जर्वर आया। उसने सभी की राय लेकर, वहां पर राय दी, उसी पर फैसला किया गया है। उसमें उम्र की कोई बाध्यता नहीं है।
मोदी जी सभी को आउट करने के चक्कर में यह कह रहे थे कि 75 साल के बाद रिटायर होना चाहिए। जब खुद का नंबर आया तो कहने लगे कि ऐसा कोई नियम होता नहीं है। हम (कांग्रेस) वो सब नहीं करते।