जमुई में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो दिवसीय ‘माटी का बल दंगल’ प्रतियोगिता आज से शुरू हो रही है। बिहार के खेल विभाग और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण द्वारा श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम में आयोजित इस दंगल के लिए अखाड़े को विशेष रूप से तैयार किया गया है।
45 फीट के वर्गाकार अखाड़े की मिट्टी को मुलायम और एंटीसेप्टिक बनाने के लिए एक क्विंटल दूध, 400 किलो हल्दी, एक क्विंटल दही, पांच टिन सरसों का तेल, 500 नींबू और 35 किलो सूखी मेहंदी का इस्तेमाल किया गया है। यह विशेष तैयारी खिलाड़ियों की सुरक्षा और बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
जिलाधिकारी नवीन ने तैयारियों का लिया जायजा
तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी नवीन और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल दंगल स्थल पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने स्वयं दूध और हल्दी सहित अन्य सामग्री डालकर गुणवत्ता की जांच की। इस दौरान बिहार कुश्ती संघ के सचिव विनय कुमार सिंह ने आयोजन की विस्तृत जानकारी दी।
विनय कुमार सिंह ने बताया कि यह प्रतियोगिता बिहार के पहलवानों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। इसमें लगभग 300 महिला और पुरुष पहलवानों के भाग लेने की संभावना है। कुछ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी इसमें शामिल हो सकते हैं, हालांकि यह मुख्य रूप से बिहार के खिलाड़ियों के लिए आयोजित की जा रही है।
उन्होंने राज्य सरकार की ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना से खिलाड़ियों में बढ़े उत्साह का भी जिक्र किया।
दोपहर 3 बजे से होगा कार्यक्रम
प्रतियोगिता का शुभारंभ शनिवार दोपहर 3 बजे होगा और यह रात 9 बजे तक चलेगी। रविवार को फाइनल मुकाबलों के साथ इसका समापन होगा। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को एक लाख रुपए, द्वितीय को 50 हजार रुपए और तृतीय स्थान पर रहने वाले को 25 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को चांदी का गदा भी प्रदान किया जाएगा, जिसे युवाओं को प्रेरित करने के लिए जिलेभर में प्रदर्शित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह मुख्य अतिथि होंगी, जबकि विशाल सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।