बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना पद छोड़कर राज्यसभा जा सकते हैं। इसे लेकर बुधवार शाम 6 बजे से CM आवास पर अहम बैठक बुलाई गई। इसमें JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और मंत्री विजय चौधरी मौजूद रहे।
बैठक के बीच विजय चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अंतिम फैसला नीतीश कुमार को लेना है। बताया जा रहा है कि पार्टी के बड़े नेता नहीं चाहते हैं कि नीतीश दिल्ली जाएं।
वहीं, उनके बेटे निशांत कुमार के नाम की भी चर्चा हो रही है। पार्टी ने अभी तक इन चर्चाओं का खंडन नहीं किया है। भास्कर के सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर का राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है। उन्होंने नामांकन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं।
वहीं, उमेश कुशवाहा फिर से JDU के प्रदेश अध्यक्ष होंगे। मीटिंग में नीतीश कुमार ने उनके नाम पर मुहर लगाई है। इन सबके बीच अमित शाह कल पटना आएंगे। वे नितिन नवीन के नामांकन में शामिल होंगे।
सियासी हालातों को देखते हुए ये 3 सिचुएशन बन रही है
- पहली: नीतीश राज्यसभा जा सकते हैं। उनके बेटे को डिप्टी CM बनाया जा सकता है। CM की कुर्सी पर बीजेपी अपना दावा ठोक सकती है।
- दूसरी: निशांत को राज्यसभा भेजकर पॉलिटिकल एंट्री करवाई जा सकती है।
- तीसरी: रामनाथ ठाकुर के बाद दूसरे नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है, इसलिए इस तरह के नाम सामने आ रहे हैं।
नीतीश के राज्यसभा जाने की खबरों पर नेताओं के बयान
- चिराग बोले- नीतीश कहीं नहीं जा रहे: बिहार में मुख्यमंत्री बदले जाने को लेकर चिराग पासवान ने कहा, ‘ऐसी कोई चर्चा नहीं है। ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न नहीं होने वाली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुभवी नेतृत्व में हमारी सरकार बिहार में चल रही है। हमारे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के डबल इंजन वाली सरकार ऐसी ही बिहार में चलती रहेगी।’
- पप्पू यादव बोले- BJP जनादेश का हरण कर रही: जब जनादेश नीतीश जी को CM बनाए रखने के लिए आया था तो 3 महीने में BJP उसका हरण क्यों कर रही है। जनादेश का अपमान BJP को भारी पड़ेगा। समूल नष्ट होना तय है।
- राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने X पर लिखा- भाजपा ने साइलेंट ऑपरेशन लोटस चलाकर नीतीश कुमार जी को पूरी तरह से घेर लिया है। उन्हें डरा-धमका कर जबरन राज्यसभा भेजा जा रहा है, ताकि कल को भाजपा यह झूठा नरेटिव गढ़ सके कि उन्होंने स्वेच्छा से पद छोड़ा। सत्ता हथियाने के लिए यह भाजपा का सबसे बड़ा और घृणित षड्यंत्र है, जिसमें मुख्यमंत्री को मोहरा बना दिया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी आज पूरी तरह से लाचार और बेबस हो चुके हैं। भारी मन से उन्होंने अपने करीबियों को बता दिया है कि मैं घिर चुका हूं, मेरी कुछ नहीं चल रही, मजबूरी में नॉमिनेशन कर रहा हूं, वरना मेरे साथ कुछ भी हो सकता है। पूरी जदयू आज खौफ और मायूसी के दौर से गुजर रही है। यह एनडीए नहीं, बल्कि बिहार के इतिहास का सबसे शर्मनाक राजनीतिक अपहरण है।