तरनतारन उपचुनाव में कांग्रेस के प्रदेश प्रधान व लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग आए दिन नए विवाद में फंस रहे हैं। राजा वड़िंग के साथ एक और विवाद जुड़ गया हे। शनिवार रात को प्रचार के दौरान उन्होंने दो सिख बच्चों के जूड़ों को हाथ से पकड़कर कहा कि किधर चले दो सरदार, टू-टू-टू-टू-टूं।
शिरोमणि अकाली दल के प्रदेश प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने इसे सिख धर्म की बेअदबी बताया। उन्होंने कहा कि राजा वड़िंग ने ऐसा करके सिख मर्यादा का अपमान किया है। सुखबीर बादल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर 17 सेकेंड का एक वीडियो पोस्ट किया हैं।
अब जानिए सुखबीर बादल ने क्या लिखा..
- सिख समुदाय का अपमान करना कांग्रेस नेताओं की आम बात: सुखबीर बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लिखा कि सिख समुदाय का अपमान करना और उसका मजाक उड़ाना अब सिखों की कातिल कांग्रेस पार्टी के नेताओं की एक आम आदत बन गई है। गुरु साहिब ने सिख कौम को केशों (बालों) की अनमोल सौगात दी है।
- वड़िंग को केश-जूड़े की अहमियत की समझ नहीं: केश श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज द्वारा सिखों को दिए गए पांच ककारों में से एक हैं। राजा वड़िंग ने उनका मजाक उड़ाया है। दुःख की बात यह है कि कांग्रेस के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग को पंजाब में पैदा होने के बावजूद भी यह समझ नहीं है कि सिखों के लिए केश और जूड़ा कितनी अहमियत रखते हैं।
- सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची: तरनतारन साहिब में जिस तरह वड़िंग ने दो सिख बच्चों के जूड़ों पर मजाकिया टिप्पणी करते हुए उनके जूड़े छुए, वह गुरु साहिब द्वारा बख्शे गए ककारों की बेअदबी है और इससे सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।
श्री अकाल तख्त के जत्थेदार से कार्रवाई की मांग
सुखबीर सिंह बादल ने लिखा कि मैं इस कृत्य की कड़ी शब्दों में निंदा करता हूं और श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब जी से निवेदन करता हूं कि इस घटना का गंभीर नोटिस लेते हुए इस पर सख्त कार्रवाई की जाए।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि हाल ही में राजा वड़िंग ने दलित समुदाय के खिलाफ भद्दी भाषा का प्रयोग कर उनका घोर अपमान किया था, और उसके अगले ही दिन कांग्रेस पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव प्रचार के दौरान श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी और भाई जीवन सिंह जी का भी निरादर किया था।
ये सभी घटनाएं किसी सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करती हैं, जिससे पूरे पंजाब को सतर्क रहने की जरूरत है।
तरनतारन चुनाव में कांग्रेस-राजा वड़िंग से जुड़े विवाद
- पूर्व गृहमंत्री बूटा सिंह पर की अभद्र टिप्पणी: राजा वड़िंग ने तरनतारन उपचुनाव में अपनी ही पार्टी के केंद्र में गृहमंत्री रह चुके दिवंगत बूटा सिंह पर उनके काले रंग को लेकर टिप्पणी की गई। जिसको लेकर पूरे प्रदेश में दलित समुदाय ने राजा वड़िंग के पुतले फूंके। विरोधी दलों ने राजा वड़िंग के इस बयान को चुनावी मुद्दा बनाया। यहां तक कि इस मामले में राजा वड़िंग पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है और एससी कमिशन ने भी राजा वड़िंग को तलब कर दिया था।
- गैंगस्टरों के परिवार पर पर्चा दर्ज करने की बात कही: पूर्व गृहमंत्री बूटा सिंह की टिप्पणी का विवाद खत्म ही नहीं हुआ था कि राजा वड़िंग का गैंगस्टरों के परिवारों पर पर्चा दर्ज करने का बयान सामने आ गया। इस बयान को लेकर विरोधी दलों ने राजा वड़िंग पर खूब प्रहार किए। भाजपा ने तो यहां तक कह दिया था कि राजा वड़िंग अगर गैंगस्टरों के परिवार को दोषी मानता है तो उन्हें सिख कत्लेआम के केस में पूरे गांधी परिवार को भी अंदर करवाना चाहिए।
- पोस्टर में सिख गुरू की फोटो के ऊपर अपने नेताओं की फोटो लगाईं: कांग्रेस की एक रैली में मंच के पीछे एक पोस्टर लगाया गया था, जिस पर श्री गुरु तेग बहादुर और भाई जैता जी के ऊपर अपने नेशनल नेताओं की फोटो लगा दी। जिस पर अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस ने गुरुओं का अपमान किया है। इसको लेकर पंजाब SC कमीशन ने नेता विपक्ष प्रताप बाजवा को तलब किया है।