उदयपुर जिले के पानरवा क्षेत्र की महिलाओं ने पुलिस और वनकर्मियों पर मारपीट करने और झोपड़ों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। महिलाओं का कहना है कि वे घर के बाहर बैठी थी। तब ही दो पुलिसकर्मी और कुछ वनकर्मी जीप में आए और गाली-गलौच कर मारपीट करना शुरू कर दिया। एक महिला को लात भी मारी।
मामले को लेकर महिलाएं शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंची। संभागीय आयुक्त और कलेक्टर को ज्ञापन देकर शिकायत की, जिसमें दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
घर में घुसकर सामान सड़क पर फेंका
अंबासा गांव की कोदरनाल फला निवासी मोरी बुम्बडिया के साथ महिलाएं और रिश्तेदारों का एक प्रतिनिधिमंडल ज्ञापन देने पहुंचा। ज्ञापन में बताया कि मामला 12 फरवरी की दोपहर करीब 3 बजे का है।
महिला ने आरोप लगाया कि दो पुलिसकर्मियों ने उसे लाठी से मारा और एक वनकर्मी ने एक अन्य महिला को लात भी मारी। घरों के अंदर घुसकर बर्तन,आटा, बिस्तर, कपड़े इत्यादि भी बाहर फेंक दिए। झोपड़ों को भी नुकसान पहुंचाया।
ज्ञापन में बताया कि एक वनकर्मी ने 2 महीने के बच्चे को भी नीचे गिरा दिया। इस दौरान डरकर 3 साल और 2 साल का बच्चा जंगल में भाग गए। करीब 26 घंटे बाद बच्चे मिले।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
महिला के रिश्तेदार बाबूलाल ने बताया कि करीब 25 से 30 परिवार कोदरनाल की जमीन पर सालों से रह रहे है। खेती कर अपना भरण-पोषण कर रहे है। अब उनको हटाने के लिए इस तरह परिवारों को घरों से बाहर निकाल देना और मारपीट करना गलत है।
उदयपुर के वकील और कम्युनिस्ट नेता राजेश सिंघवी ने बताया कि पीड़ित परिवार एसपी से मिला और पूरा मामला बताया। परिवार ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।