केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज से तीन दिनों के लिए सीमांचल दौरे पर आ रहे हैं। 25 से 27 फरवरी तक सीमांचल के किशनगंज, अररिया और पूर्णिया में रहेंगे। गृह मंत्री के दौरे को लेकर प्रशासनिक और सुरक्षा से जुड़ी तैयारियां तेज कर दी गई है। पूर्णिया को हाई अलर्ट पर रखा गया है। तीन दिनों के इस प्रवास के दौरान वे सीमावर्ती जिलों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करेंगे। दौरे को सामरिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
गृह मंत्री के आगमन को देखते हुए पूर्णिया एयरपोर्ट एरिया समेत शहरी इलाके में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक हर 100 मीटर पर पुलिस बल और सीनियर ऑफिसर्स की तैनाती की गई है। पार्किंग, भीड़ प्रबंधन और रूट लाइनिंग को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है।
पूर्णिया में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को भी इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए तैयार रहने को कहा गया है। एंबुलेंस, मेडिकल टीम और ट्रॉमा सपोर्ट जैसे इंतजाम दुरुस्त की जा रही है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
दौरे के पहले दिन 25 फरवरी को अमित शाह पूर्णिया एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से हेलीकॉप्टर से किशनगंज जाएंगे। वहां समाहरणालय में समीक्षा बैठक के बाद उनका रात्रि विश्राम होगा। पूर्णिया में तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए डीएम अंशुल कुमार, एसपी स्वीटी सहरावत, एसडीएम दीक्षित श्वेतम और एसडीपीओ ने कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया। सुरक्षा के हर पहलू की बारीकी से जांच की गई है।
26 फरवरी को वे अररिया पहुंचेंगे, जहां सुबह 11 बजे सीमा चौकी लेटी का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद अररिया समाहरणालय में भारत-नेपाल सीमावर्ती मुद्दों पर एसपी और डीएम के साथ समीक्षा बैठक होगी। इसी दिन वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की समीक्षा भी करेंगे। शाम को वे पूर्णिया के जीरो माईल स्थित होटल मेफेयर में रात्रि विश्राम करेंगे। 26 और 27 फरवरी को होटल मे फेयर के सारे कमरों की बुकिंग फुल हो चुकी है। शहर के सभी होटलों में कमोबेश ऐसी ही स्थिति है। अधिकांश कमरे बुक हैं।
अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे केंद्रीय गृह मंत्री
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 27 फरवरी को पूर्णिया में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद दिल्ली रवाना होंगे। सीमांचल का इलाका नेपाल और बांग्लादेश सीमा से सटा है और चिकन नेक कॉरिडोर के समीप स्थित है। घुसपैठ और सीमावर्ती सुरक्षा को लेकर ये इलाका संवेदनशील है। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री का तीन दिनों तक सीमांचल में प्रवास कई अहम फैसलों का संकेत माना जा रहा है।
तीन दिनों तक सीमांचल में रहेंगे
मिली जानकारी के मुताबिक सीमावर्ती सात जिलों के डीएम और एसपी के साथ बैठक में घुसपैठ के ताजा हालात , समाधान और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्य योजना तय की जा सकती है। ये पहला अवसर है जब केंद्रीय गृह मंत्री लगातार तीन दिनों तक सीमांचल क्षेत्र में रुकेंगे। प्रशासनिक स्तर पर इसे हाई-प्रोफाइल दौरा मानते हुए हर विभाग को समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है।
पूर्णिया में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि दौरे के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक नहीं हो, इसके लिए बहुस्तरीय निगरानी की व्यवस्था की गई है।