फरीदाबाद जिला नगर निगम सदन की बैठक शुरू हो चुकी है। इसमें 46 वार्डों के 101 प्रस्तावों को शामिल किया गया है। बैठक में FMDA (फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ) के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। बैठक में निगम मेयर प्रवीण बत्रा और निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा सहित सभी वार्ड पार्षद पहुंच चुके है। निगम चुनाव के 10 महीने बाद तक भी सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर को लेकर भाजपा में सहमति नहीं बन पाई।
बैठक की अध्यक्षता मेयर प्रवीण बत्रा ने की। बैठक में पार्षदों द्वारा फाइनेंस कमेटी के मेंबर और सीनियर डिप्टी मेयर एवं डिप्टी मेयर के चुनाव की मांग रखी गई है। पार्षदों ने कहा कि चुनाव के बाद ही बैठक का आयोजन किया जाना चाहिए। वहीं सदन की बैठक से मीडिया को भी बाहर कर दिया गया।
सभी 46 वार्डों के प्रस्ताव शामिल
आज होने वाली निगम सदन की बैठक के एजेंडे में शहर के सभी 46 वार्डों से जुड़े प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। इनमें सड़क, चौक और पार्कों के नाम बदलने, लाइब्रेरी निर्माण, आरएमसी सड़क, स्ट्रीट लाइट, कचरा निपटारे और पेयजल से संबंधित कार्य शामिल हैं।
इसके अलावा अवैध कब्जे हटाने, सीवर समस्या, स्ट्रीट डॉग और आवारा पशुओं, श्मशान घाट निर्माण, डिस्पेंसरी और सरकारी स्कूलों के निर्माण, ट्यूबवेल, प्रॉपर्टी आईडी और सफाई व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी एजेंडे में शामिल किए गए हैं।एजेंडा तैयार करने से पहले अधिकारियों ने क्षेत्रवार पार्षदों से सुझाव लिए थे और उसी के आधार पर यह एजेंडा तैयार किया गया है।
निगम की तरफ से रखे गए प्रस्ताव
सोमवार को होने वाली बैठक में नगर निगम की ओर से भी कुछ प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। जिसको सदन में पार्षदों के समक्ष रखा जाएगा। जिसमें सोतई गांव में 12 एकड़ भूमि पर ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण बनाने का प्रस्ताव शामिल है। इसके साथ ही मवई गांव में तीन एकड़ भूमि में गोशाला बनाने और पल्ला में 50 बेड वाले अस्पताल के लिए रोड के चौड़ीकरण का प्रस्ताव शामिल है।
इसके साथ गांव गाजीपुर में 5.0 एकड़ भूमि बूस्टर निर्माण करने हेतु एफएमडीए को देने का प्रस्ताव शामिल है। निगम का दावा है कि नया बूस्टर बनने से करीब 20 से अधिक कालोनियों की पानी की किल्लत दूर हो जाएगी।
एफएमडीए अधिकारियों को बुलाने का उद्देश्य
इस बार निगम सदन की बैठक में एफएमडीए के अधिकारियों को विशेष रूप से बुलाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य उन समस्याओं का समाधान निकालना है, जिनमें नगर निगम को एफएमडीए से सहयोग नहीं मिल पाता या जहां कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है। कई विकास कार्य एफएमडीए के अधीन हैं, जिनको लेकर पार्षद लंबे समय से परेशानी जता रहे हैं। बैठक में इन मुद्दों का मौके पर ही समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।
10 महीने से नहीं बनी सहमति
नगर निगम चुनाव परिणाम आए लगभग 10 माह बीत चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर को लेकर भाजपा में सहमति नहीं बन पाई है। इससे पहले 11 अगस्त को प्रस्तावित निगम सदन की बैठक में भी इन दोनों पदों को लेकर सहमति नहीं बन सकी थी, जिसके चलते बैठक ही नहीं हो पाई थी।
मेयर बोलीं- सभी प्रस्ताव पर होगी सुनवाई
मेयर प्रवीण बत्रा ने कहा कि निगम सदन की बैठक एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें पार्षदों द्वारा रखी गई मदों पर चर्चा कर समाधान निकालना ही उद्देश्य होता है। सभी वार्डों से प्रस्ताव लिए गए है, जिन पर चर्चा की जाएगी, जो विकास कार्य चल रहे है, उनको लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी।