फोनपे ने अपडेटेड DRHP फाइल किया:₹12,000 करोड़ के IPO को सेबी की मंजूरी; वॉलमार्ट 9% हिस्सेदारी बेचेगी, माइक्रोसॉफ्ट एग्जिट होगी

भारत की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट कंपनी फोनपे ने अपने IPO के लिए नए डॉक्यूमेंट्स यानी अपडेटेड DRHP (UDRHP) फाइल किया है। मार्केट रेगुलेटर सेबी ने कंपनी को बाजार में लिस्ट होने की मंजूरी भी दे दी है।

यह IPO पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) होगा, यानी कंपनी कोई नए शेयर जारी नहीं करेगी। बल्कि इसके पुराने निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। कंपनी की इस IPO के जरिए करीब 12,000 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी है।

वॉलमार्ट की हिस्सेदारी कम होगी, दो बड़े निवेशक निकलेंगे

फोनपे में सबसे बड़ी हिस्सेदार अमेरिकी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट है। वह इस IPO के जरिए अपनी करीब 9.06% हिस्सेदारी बेच रही है, जो 4.59 करोड़ शेयर के बराबर है।

वहीं टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट और इन्वेस्टमेंट फर्म टाइगर ग्लोबल इस IPO के जरिए कंपनी से पूरी तरह बाहर हो जाएंगे। ये दोनों कंपनियां मिलकर करीब 47 लाख शेयर बेचेंगी। फिलहाल फोनपे में वॉलमार्ट की करीब 71.77% हिस्सेदारी है।

₹1.33 लाख करोड़ की वैल्यूएशन का अनुमान

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, फोनपे इस IPO के लिए करीब 15 बिलियन डॉलर (लगभग 1.37 लाख करोड़ रुपए) की वैल्यूएशन का टारगेट रख रही है। अगर ऐसा होता है, तो यह पेटीएम के बाद भारतीय फिनटेक सेक्टर का दूसरा सबसे बड़ा IPO होगा।

कंपनी ने पिछले साल सितंबर में कॉन्फिडेंशियल रूट (गोपनीय तरीके) से ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे, जिसे अब सेबी से हरी झंडी मिल गई है।

2026 के मध्य तक लिस्टिंग की उम्मीद

सेबी से मंजूरी मिलने के बाद अब कंपनी रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC) के पास आरएचपी (RHP) फाइल करेगी। माना जा रहा है कि 2026 के मध्य तक फोनपे शेयर बाजार में दस्तक दे सकती है।

इस IPO के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी बैंक, मॉर्गन स्टेनली और जेपी मॉर्गन जैसे बड़े इन्वेस्टमेंट बैंक सलाह दे रहे हैं।

घाटा कम हुआ, रेवेन्यू में 41% की बढ़ोतरी

IPO से पहले कंपनी की वित्तीय सेहत में सुधार देखा गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में फोनपे का रेवेन्यू 41% बढ़कर ₹7,148.6 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹5,064.1 करोड़ था।

वहीं कंपनी का घाटा भी कम होकर ₹1,720 करोड़ रह गया है। कंपनी ने हाल ही में जानकारी दी थी कि ईएसओपी (ESOP) खर्चों को छोड़कर उसका एडजस्टेड प्रॉफिट पांच गुना बढ़कर ₹630 करोड़ पर पहुंच गया है।

UPI मार्केट में 45% हिस्सेदारी के साथ टॉप पर

देश के डिजिटल पेमेंट बाजार में फोनपे का दबदबा कायम है। दिसंबर 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, UPI ट्रांजैक्शन के मामले में फोनपे की बाजार हिस्सेदारी करीब 45% है।

कंपनी के पास 60 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं और यह करीब 5 करोड़ व्यापारियों को अपनी सर्विसेज दे रही है। हर महीने कंपनी के प्लेटफॉर्म पर करीब 1000 करोड़ ट्रांजैक्शन होते हैं।

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